हिंद महासागर में अमेरिकी सेना का बड़ा एक्शन: ईरान का तेल टैंकर मैजेस्टिक X जब्त, श्रीलंका के पास हुई कार्रवाई
Us Military Seizes Iran Linked Oil Tanker: अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान से जुड़े तेल टैंकर 'मैजेस्टिक X' को जब्त कर लिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान का तेल टैंकर जब्त, फोटो (सो. सोशल मिडिया)
Us Military Seizes Iran Linked Oil Tanker Majestic X: हिंद महासागर में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को अमेरिकी रक्षा विभाग ने जानकारी दी कि उसने ईरान के तेल की तस्करी से जुड़े एक और टैंकर, ‘मैजेस्टिक X’ को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में की गई जो रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
वीडियो जारी कर दिखाई सैन्य कार्रवाई की झलक
अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस जब्ती का एक आधिकारिक वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो में अमेरिकी सैनिकों को पूरी तरह हथियारों से लैस होकर जहाज के डेक पर उतरते और उसे अपने नियंत्रण में लेते हुए देखा जा सकता है।
आंकड़ों के अनुसार, ‘मैजेस्टिक X’ उस समय चीन के झोउशान की ओर बढ़ रहा था। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई उसी स्थान के करीब हुई, जहां कुछ समय पहले अमेरिकी सेना ने ‘टिफनी’ नामक एक अन्य तेल टैंकर को जब्त किया था।
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प्रतिबंधों का उल्लंघन और जहाज की पहचान
‘मैजेस्टिक X’ गुयाना के झंडे वाला एक तेल टैंकर है, जिसे पहले ‘फीनिक्स’ के नाम से जाना जाता था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साल 2024 में ही इस जहाज पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। जांच में पाया गया था कि यह जहाज ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को धता बताकर कच्चे तेल की अवैध तस्करी में शामिल था।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान अपने तेल को अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए अक्सर फर्जी दस्तावेजों, जहाज ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) में हेरफेर और जहाजों के नाम व झंडे बदलने जैसी चालाकी भरी तरकीबें अपनाता है।
ईरान-अमेरिका संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव
यह जब्ती ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में स्थिति पहले से ही विस्फोटक बनी हुई है। बुधवार को ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला किया था और उनमें से दो को अपने नियंत्रण में ले लिया था।
अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई ईरान की उसी उकसावे वाली गतिविधि का जवाब मानी जा रही है। रक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे ईरान को भौतिक सहायता देने वाले जहाजों और अवैध नेटवर्क को तोड़ने के लिए अपनी वैश्विक समुद्री कार्रवाई जारी रखेंगे।
30 से अधिक जहाजों पर हो चुके हैं हमले
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी इस त्रिकोणीय संघर्ष के शुरू होने के बाद से अब तक फारसी खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी जैसे क्षेत्रों में 30 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया जा चुका है।
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हालांकि, इस ताजा जब्ती को लेकर ईरान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना दर्शाती है कि हिंद महासागर में अब केवल व्यापारिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि वैश्विक शक्तियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई भी तेज हो गई है।
