ईरान छोड़ें अमेरिकी नागरिक, हवाई क्षेत्र खुलते ही वॉशिंगटन ने जारी किया 'एग्जिट' अलर्ट

US Advises Citizens Leave Iran: ईरान द्वारा अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोलने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है।
US Citizens Should Leave Iran; Washington Issues 'Exit' Alert as Airspace Reopens
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मिडिया)
Published on
Updated on

US Advises Citizens Leave Iran Travel Alert: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बड़ी एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने ईरान में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने की अपील की है। यह कदम तब उठाया गया है जब ईरान ने हफ्तों बाद अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से फिर से खोलना शुरू किया है।

नागरिकों के लिए सुरक्षित निकासी मार्ग

विदेश विभाग के कांसुलर मामलों के ब्यूरो ने अमेरिकियों को सलाह दी है कि वे देश से बाहर जाने वाली उड़ानों के लिए वाणिज्यिक एयरलाइंस के संपर्क में रहें। हवाई मार्ग के अलावा, अमेरिकी नागरिक आर्मेनिया, अजरबैजान, तुर्किये और तुर्कमेनिस्तान के माध्यम से भूमि मार्ग से भी ईरान छोड़ सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से उन्हें अफगानिस्तान, इराक और पाकिस्तान से लगती सीमाओं की ओर जाने से बचने की सख्त चेतावनी दी गई है।

चार चरणों में खुलेगा ईरानी हवाई क्षेत्र

गौरतलब है कि 28 फरवरी को शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया था। अब इसे चार चरणों में फिर से संचालित करने की योजना है। शनिवार को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूर्वी हवाई क्षेत्र को खोल दिया गया, जिससे कुछ हवाई अड्डों पर गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

अभी जारी है 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी'

जमीनी हमलों पर युद्धविराम को आगे बढ़ाने के बावजूद, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर से दबाव कम नहीं किया जाएगा। प्रेस सचिव कैरोलाइन लीविट ने बताया कि अमेरिका की दोहरी रणनीति के तहत 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी' जारी है। इसके तहत सख्त नौसैनिक नाकेबंदी की गई है जिससे ईरान को रोजाना 500 मिलियन डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

व्हाइट हाउस का दावा है कि इस नाकेबंदी के कारण ईरान अपना तेल निर्यात करने और भुगतान पाने में पूरी तरह असमर्थ है जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह जकड़ गई है। प्रशासन ने शांति वार्ता के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है और तेहरान के खिलाफ कड़े वित्तीय प्रतिबंधों को और मजबूत किया जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com