
डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump Greenland Plan: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर संभावित कब्जे के लिए सेना से योजना तैयार करने का आदेश दिया था। ट्रंप कई मौकों पर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना के कई शीर्ष अधिकारी ट्रंप के इस प्लान को गलत मानते हैं और खुले तौर पर विरोध कर रहे हैं। वो इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ मानते हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के सलाहकार इस योजना को आगे बढ़ा रहे थे, जिसमें प्रमुख भूमिका उनके राजनीतिक सलाहकार स्टीफन मिलर की मानी जा रही थी। उनका तर्क था कि जैसे वेनेजुएला में निकोलस मादुरो को हटाने का ऑपरेशन सफल रहा, उसी तरह ग्रीनलैंड पर भी अमेरिका को तेजी से कदम उठाना चाहिए, इससे पहले कि रूस या चीन वहां अपनी पकड़ मजबूत कर लें।
ब्रिटिश राजनयिकों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति केवल अंतरराष्ट्रीय महत्व की वजह से नहीं, बल्कि घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए भी थी। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने वाले थे और अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे थे। ट्रंप मतदाताओं का ध्यान अर्थव्यवस्था से हटाकर एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर केंद्रित करना चाहते थे।
अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर सैन्य कदम उठाया, तो इसका असर केवल वहां तक सीमित नहीं रहेगा। इससे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ टकराव हो सकता है और नाटो जैसे सैन्य गठबंधन के भीतर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। कुछ राजनयिक दस्तावेजों में इसे नाटो के अंदर टूटने का खतरा बताया गया है।
ट्रंप ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) से ग्रीनलैंड पर कार्रवाई की योजना बनाने को कहा, लेकिन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इसका विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा और अमेरिकी कांग्रेस भी इसे समर्थन नहीं देगी। अमेरिकी सैन्य अधिकारी ट्रंप का ध्यान भटकाने के लिए अन्य विकल्प सुझा रहे थे, जैसे रूस के कथित “घोस्ट जहाजों” पर कार्रवाई या ईरान के खिलाफ सीमित मिशन।
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इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड को नियंत्रित नहीं किया तो रूस या चीन वहां कब्जा कर सकते हैं। हालांकि ग्रीनलैंड के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वे न अमेरिकी बनना चाहते हैं और न ही डेनमार्क के अधीन रहना चाहते हैं। उनका कहना था कि ग्रीनलैंड का भविष्य वहां के लोग खुद तय करेंगे।






