बिना ड्राइवर के युद्ध! अमेरिका ने उतारा सीक्रेट ऑटोनॉमस हथियार, रेड बीच पर दिखी जंग की नई झलक
US Marine Corps: अमेरिकी मरीन कॉर्प्स ने भविष्य की युद्ध और लॉजिस्टिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नए बिना चालक उभयचर ग्राउंड व्हीकल का परीक्षण किया है। यह सिस्टम समुद्र से सीधे तट पर पहुंचने...
- Written By: अमन उपाध्याय
मरीन कॉर्प्स बेस कैंप पेंडलटन पर मानवरहित झुंड में चलने वाले उभयचर यान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Military Drone Vehicle: अमेरिका के मरीन कॉर्प्स ने आधुनिक युद्ध रणनीति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए बिना चालक वाले उभयचर ग्राउंड व्हीकल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण कैलिफोर्निया के कैंप पेंडलटन स्थित रेड बीच पर आयोजित टेक्निकल कॉन्सेप्ट एक्सपेरिमेंट 25.2 के दौरान किया गया। इस प्रयोगात्मक प्लेटफॉर्म को अनमैन्ड स्वार्मिंग एम्फिबियस क्राफ्ट के रूप में बताया जा रहा है, जिसे विशेष रूप से समुद्र से सीधे तट तक पहुंचने के लिए डिजाइन किया गया है।
अभ्यास के दौरान यह बिना चालक वाहन समुद्र के किनारे और लहरों वाले इलाके में सक्रिय रूप से काम करता नजर आया। इसका मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि यह सिस्टम कठिन उभयचर परिस्थितियों में भी स्थिरता बनाए रखते हुए ऑपरेशन कर सकता है। मरीन कॉर्प्स के मुताबिक, इस परीक्षण का फोकस हथियारों के इस्तेमाल से ज्यादा मूवमेंट, कंट्रोल और टिकाऊपन की जांच पर था।
खतरनाक इलाकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका
टेस्ट के दौरान इस उभयचर वाहन पर किसी भी तरह का हथियार नजर नहीं आया। इसकी जगह इसमें आधुनिक सेंसर, कम्युनिकेशन उपकरण और एक सपाट कार्गो डेक लगाया गया था। इससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल इसका इस्तेमाल निगरानी, सप्लाई, लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट मिशनों के लिए किया जाना प्रस्तावित है। यह वाहन सैनिकों के लिए जरूरी सामान, उपकरण या सेंसर को खतरनाक इलाकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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डेमोंस्ट्रेशन के दौरान यह भी सामने आया कि यह सिस्टम पूरी तरह रिमोट कंट्रोल पर काम करता है। इसमें सैटेलाइट कम्युनिकेशन की सुविधा मौजूद है जिससे इसे बियॉन्ड लाइन ऑफ साइट यानी नजर से दूर रहकर भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसका मतलब है कि समुद्र में मौजूद जहाजों या दूर स्थित कमांड पोस्ट से भी इस वाहन को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे ऑपरेटर की सुरक्षा बनी रहती है।
बदल सकती है आधुनिक युद्ध की तस्वीर
हालांकि मरीन कॉर्प्स ने अभी तक इस वाहन के वजन, पेलोड क्षमता, रेंज या अन्य तकनीकी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं। फिलहाल इसे लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, टोही मिशन, सेंसर तैनाती और अन्य सहायक भूमिकाओं के लिए विकसित किया जा रहा है। इस परीक्षण का उद्देश्य यह समझना था कि यह प्लेटफॉर्म उभयचर हालात में कितनी प्रभावी तरीके से काम कर सकता है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना मरीन कॉर्प्स की नई सैन्य सोच के अनुरूप है, जिसमें छोटे और बिखरे हुए दस्तों को द्वीपों और तटीय इलाकों में तैनात करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे हालात में बिना चालक या दूर से संचालित प्लेटफॉर्म न सिर्फ सैनिकों पर निर्भरता और जोखिम कम करते हैं, बल्कि ऑपरेशनल पहुंच और गति को भी बनाए रखते हैं। आने वाले समय में इस तरह की तकनीक आधुनिक युद्ध की तस्वीर बदल सकती है।
