सांकेतिक तस्वीर
Karachi Rain And Thunderstorm: पाकिस्तान के आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर में हाल ही में आई भारी बारिश और आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद शहर प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे हैं।
तेज हवाओं और मूसलधार बारिश ने कराची में ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी कि मकानों की छतें उड़ गईं, दीवारें गिर पड़ीं और कई स्थानों पर पेड़ और साइनबोर्ड गिर गए। कई इलाके जलमग्न हो गए, जिससे लोगों की दैनिक गतिविधियां पूरी तरह से बाधित हो गईं। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
कराची के कोरांगी क्षेत्र में आंधी-तूफान के दौरान छतें और दीवारें गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के समय लोग चाय पी रहे थे, और अचानक तेज हवाओं और बारिश के कारण इमारतें गिर गईं। इसके अलावा, सईदबाद के मोचको गोठ में भी एक इमारत ढह गई, जिससे और भी जानमाल की हानि हुई। बचाव दलों द्वारा मलबा हटाने का कार्य जारी है, और उम्मीद की जा रही है कि मलबे के नीचे और लोग फंसे हो सकते हैं।
मलिर इलाके में आकाशीय बिजली की चपेट में आकर दो लोग मारे गए, जबकि क्लिफ्टन में एक महिला पेड़ गिरने से जान से हाथ धो बैठी। कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस खतरनाक मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
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भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे लोगों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने सिंध प्रांत के अन्य हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई है, जिससे वहां के लोग भी चिंतित हैं। इन घटनाओं ने कराची में आपातकालीन सेवाओं की महत्ता को और स्पष्ट कर दिया है, और प्रशासन को जल्द से जल्द राहत कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है।