ईरान के B-1 ब्रिज पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Israel Strike Iran Tallest Bridge: अमेरिका और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष में ईरान को एक और बहुत बड़ा रणनीतिक और आर्थिक झटका लगा है। गुरुवार को हुए एक भीषण हवाई हमले में ईरान के अल्बोर्ज प्रांत में स्थित मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे B-1 ब्रिज को निशाना बनाया गया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
निर्माणाधीन B-1 ब्रिज ईरान की एक प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धि माना जाता था, जो लगभग बनकर तैयार हो चुका था। यह पुल तेहरान को कराज से जोड़ता था और इसकी लंबाई 1,050 मीटर है। 136 मीटर ऊंचे खंभों वाले इस विशाल पुल के निर्माण में करीब 37 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया था। इस हमले को ईरान के लिए न केवल एक सैन्य हार बल्कि एक गहरा आर्थिक झटका भी माना जा रहा है।
ईरानी न्यूज चैनल ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, इस हवाई हमले के कारण पुल के पास के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो गई है। कई इलाकों में फिलहाल अंधेरा छाया हुआ है और रिपोर्टों के मुताबिक हमले में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
The US-Israeli enemy targeted Iran’s B1 Bridge — a major engineering achievement and key infrastructure project in Alborz province. The bridge, which was nearing completion, sustained damage in the attack, and power outages were reported in several areas. pic.twitter.com/Y8B6Rc9q3W — Press TV 🔻 (@PressTV) April 2, 2026
इस हमले के जवाब में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर भीषण रॉकेट हमला किया है। गुरुवार सुबह जब इजरायली लोग ‘पासओवर’ (Passover) त्योहार मना रहे थे तभी आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने लगभग 80 रॉकेट दागे जिसमें दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं।
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इसके जवाब में इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने लेबनान में हिजबुल्लाह के दर्जनों ठिकानों पर हमले किए और दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 40 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया गया है। यह घटनाक्रम इस क्षेत्र में युद्ध के और अधिक विनाशकारी होने का संकेत दे रहा है जहां अब महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सीधे तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।