केमिकल नहीं, फिर कैसे बचा रहा 4 महीने तक खामेनेई का शव? जनाजे से पहले सामने आया बड़ा सच
Ali Khamenei Funeral News: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को 9 जुलाई को दफनाया जाएगा। मौत के चार महीने बाद होने जा रहे इस अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
- Written By: अक्षय साहू
अली खामेनेई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को 9 जुलाई को पूरे इस्लामिक रीति रिवाज से दफन किया जाएगा। ईरान की सरकार ने उनके जनाजे में शामिल होने के लिए कई देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों को आमंत्रण भेजा है। भारत को भी इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है। खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 4 जुलाई से शुरु होकर 9 जुलाई तक चलेगा।
अली खामेनेई की मौत चार महीने पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में हो गई थी। जिसके बाद से उनके शरीर हो किसी सुरक्षित स्थान पर छिपाकर रखा गया था। इसी बीच अली खामेनेई के मृत शरीर को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिसने इस्लामिक दुनिया में हलचल तेज कर दी है।
अब तक क्यों नहीं दफनाया गया
ईरान अपने सुप्रीम लीडर को पूरे सम्मान के साथ दफन करना चाहता था, जो जंग के माहौल में मुमकिन नहीं हो सकता था। ऐसे में ईरानी अधिकारियों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके शरीर को सुरक्षित रखने का फैसला किया। अब जब जंग खत्म हो चुकी है तब खामेनेई की मौत के 132 दिनों बाद उन्हें दफनाने की तैयारी की जा रही है। इसी बीच अफवाहें उठने लगी कि ईरान ने इस्लाम में केमिकल की मनाही के बावजूद खामेनेई के शरीर को केमिकल एम्बामिंग जरिए ममी बनाकर रखा है, ताकि उनके शरीर को नुकसान न हो।
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नहीं की गई केमिकल एम्बामिंग
काउंटर टेररिज्म एक्सपर्ट डॉ. मोहम्मद उमर ने मीडिया से बात करते हुए कि सुप्रीम लीडर के शरीर को सुरक्षित रखने के लिए रेफ्रिजरेटेड कोल्ड स्टोरेज का इस्तेमाल किया है न की केमिकल एम्बामिंग की। उन्होंने कहा कि ईरान में इससे पहले भी शवों को कोल्ड स्टोरेज में कई महीनों तक रखने के बाद दफनाया गया है। यहां यह कोई नई बात नहीं है। उमर ने कहा कि, शिया समुदाय में शवों को कोल्ड स्टोरेज में रखने को लेकर कोई मनाही नहीं है।
हालांकि, उमर ने इस दौरान एक बड़ा बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि खामेनेई के शरीर के कुछ ही हिस्से सुरक्षित बचे हों। क्योंकि उनकी मौत मिलाइल हमले में हुई थी। अगर उनका शरीर सही सलामत होता तो सरकार उनके अंतिम संस्कार में इतना समय नहीं लगाती और न ही जनाजे के जुलूस को टालती।
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कैसे हुई थी खामेनेई की मौत?
अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के हमले में हुई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई लोगों की मौत हो गई थी। जिन्हें उसी समय दफना दिया गया था। हालांकि अली खामेनेई के शरीर को सुरक्षित रखा गया था। जिसे अब 9 जुलाई को दफनाया जाएगा।
