खामेनेई के 'लुटेरे' अब ईरान के घर-घर में, एलन मस्क का स्टारलिंक ढूंढने के लिए भीषण छापेमारी; मचा हाहाकार

Iran Starlink Devices Raid: ईरान में सरकार विरोधी लहर दबाने के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। अब खामेनेई एलन मस्क के स्टारलिंक डिवाइस को जब्त करने के लिए घर-घर छापेमारी कर रहे हैं।
Khamenei's 'thugs' are now in every home in Iran, conducting fierce raids to find Elon Musk's Starlink; chaos ensues.
एलन मस्क और खामेनेई, कॉन्सेप्ट फोटो
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Iran Khamenei Electronic Warfare: ईरान में तानाशाही के खिलाफ उठी विरोध की लहर अब खूनी संघर्ष में बदल चुकी है। देश के सभी 31 प्रांतों में 'खामेनेई देश छोड़ो' के नारे गूंज रहे हैं। इस विद्रोह को दबाने और दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अब एक नया मोर्चा खोल दिया है। इसे 'इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर' कहा जा रहा है  जिसका मुख्य निशाना एलन मस्क का स्टारलिंक (Starlink) इंटरनेट सिस्टम है।

घर-घर जाकर छापेमारी

ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई ने विद्रोहियों को मौत के घाट उतारने के साथ-साथ उनके संचार के साधनों को पूरी तरह नष्ट करने का निर्देश दिया है। ईरान की मिलिशिया और सुरक्षा बल अब घर-घर जाकर छापे मार रहे हैं। सुरक्षा बल अपार्टमेंट ब्लॉक्स की छतों पर चढ़कर या रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर छिपाई गई स्टारलिंक डिश की तलाश कर रहे हैं। इन उपकरणों को जब्त करने के लिए सरकार जिस तरह की कार्रवाई कर रही है उसे जनता की आखिरी उम्मीद को कुचलने वाला कदम माना जा रहा है।

लाशों का ढेर छुपाने के लिए इंटरनेट ब्लैकआउट

ईरान में चल रहे इस आंदोलन के दौरान हिंसा का स्तर इतना बढ़ गया है कि अब तक 2,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत के इस डरावने आंकड़े और सुरक्षा बलों की बर्बरता को दुनिया से छिपाने के लिए देशभर में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। हालांकि, इस इंटरनेट शटडाउन से ईरान की अर्थव्यवस्था को अरबों डॉलर की चपत लग रही है।

'सेंसरशिप की दीवार' में सेंध

ईरानी प्रशासन के लिए एलन मस्क का स्टारलिंक किसी 'बम' से कम नहीं है। ये डिवाइस इराक और फारस की खाड़ी के देशों से छिपाकर ईरान लाए गए थे जो केबल के बजाय सीधे सैटेलाइट से जुड़ते हैं। खामेनेई को शक है कि ईरान की सड़कों पर मचे बवाल के वीडियो स्टारलिंक के जरिए ही दुनिया तक पहुंच रहे हैं। इसे रोकने के लिए ईरान ने रूस और चीन से मंगाए गए 'मिलिट्री-ग्रेड जामर्स' का इस्तेमाल शुरू किया है। इन जामर्स ने स्टारलिंक के लगभग 80% ट्रैफिक को ब्लॉक कर दिया है लेकिन बची हुई कनेक्टिविटी अभी भी सेंसरशिप की दीवार को ढहा रही है।

जनता का आखिरी 'डिजिटल हथियार'

भले ही शासन ने दमन तेज कर दिया हो, लेकिन स्टारलिंक अब भी आंदोलनकारियों का प्रमुख हथियार बना हुआ है क्योंकि इस पर सामान्य जैमर्स पूरी तरह असर नहीं करते। 2022 के विद्रोह में भी इसका सफल उपयोग हुआ था, और अब एक बार फिर यह जनता को बाहरी दुनिया से जोड़ने का एकमात्र जरिया बना हुआ है।

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