क्यूबा पर हमला तय? 6 घंटे तक चक्कर काटते अमेरिकी ड्रोन ने बढ़ाई चिंता, ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत
US Drone Cuba Surveillance: अमेरिकी नौसेना का जासूसी ड्रोन MQ-4C ट्राइटन 6 घंटे तक क्यूबा के तट पर मंडराता रहा। ट्रंप के हालिया बयान को देखते हुए सैन्य कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Drone Cuba Surveillance Trump Tension: लैटिन अमेरिका में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। हाल ही में अमेरिकी नौसेना का सबसे आधुनिक और महंगा एडवांस्ड सर्विलांस ड्रोन, MQ-4C ट्राइटन, लगातार छह घंटे तक क्यूबा के पूरे दक्षिणी तट पर चक्कर लगाता रहा। इस घटना ने न केवल क्यूबा की सरकार को चौकन्ना कर दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों के बीच भी हलचल तेज कर दी है।
6 घंटे की सघन निगरानी और ‘वेनेजुएला पैटर्न’
यह घातक ड्रोन फ्लोरिडा के जैक्सनविले से उड़ा था और इसने क्यूबा के दक्षिणी तट की पूरी लंबाई को स्कैन किया। रिपोर्टों के अनुसार, यह सैंटियागो डी क्यूबा के पास 2 घंटे तक घूमता रहा और फिर राजधानी हवाना के आसपास भी 2 घंटे तक चक्कर लगाने के बाद वापस लौटा। फ्लाइट ट्रैकर्स का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस ड्रोन को क्यूबा के इतने करीब नहीं देखा था। आमतौर पर यह ड्रोन केवल युद्ध वाले इलाकों जैसे ब्लैक सी, पर्सियन गल्फ और भूमध्य सागर में ही तैनात किया जाता है।
विशेषज्ञ इसे ‘वेनेजुएला पैटर्न’ कह रहे हैं क्योंकि वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन मादुरो’ से ठीक पहले इसी तरह की ड्रोन रेकी देखी गई थी। उस समय, ट्राइटन ड्रोन की 10 घंटे की निगरानी के तीन महीने बाद अमेरिका ने काराकास पर छापा मारकर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया था।
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2000 करोड़ का जासूसी शिकारी
अमेरिकी नौसेना का यह अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) दुनिया के सबसे महंगे ड्रोनों में से एक है, जिसकी एक इकाई की कीमत करीब 2000 करोड़ रुपये है। यह बहुत अधिक ऊंचाई पर उड़ सकता है और लंबे समय तक हवा में रहकर बड़े क्षेत्रों की निगरानी करने में सक्षम है। यह आधुनिक रडार, हाई-डेफिनिशन कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर्स से लैस है, जो जमीन और समुद्र पर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि को बारीकी से ट्रैक कर सकता है।
ट्रंप का संकल्प और पेंटागन की तैयारी
इस ड्रोन की उड़ान का समय काफी संदिग्ध माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि उन्हें क्यूबा को किसी न किसी रूप में ‘लेने’ का सम्मान मिलेगा। इसी बीच खबरें आ रही हैं कि पेंटागन ने क्यूबा पर संभावित सैन्य ऑपरेशन की योजना तेज कर दी है। अमेरिका ने क्यूबा की तेल आपूर्ति पर भी रोक लगा दी है, जिससे वहां आर्थिक संकट गहरा गया है।
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क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
ट्रंप प्रशासन क्यूबा की वर्तमान कम्युनिस्ट सरकार को कमजोर करना चाहता है। हालांकि, क्यूबा इसे अपना आंतरिक मामला मानता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका कोई प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई करता है तो यह पूरे लैटिन अमेरिका में एक बड़ा तनाव पैदा कर सकता है। फिलहाल क्यूबा के नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन अंदरूनी स्तर पर सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की तैयारियां तेज होने की संभावना है।
