‘यह इलाका हमारा…’ गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तान की चुनावी चाल पर भड़का भारत; MEA ने दी कड़ी चेतावनी
India Slams Pakistan: पाकिस्तान द्वारा PoK के गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को 'आम चुनाव' कराने के फैसले पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह भारत का अभिन्न अंग है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रणधीर जायसवाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Slams Pakistan Gilgit-Baltistan Elections: पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जे में लिए गए गिलगित-बाल्टिस्तान में आगामी 7 जून को होने वाले ‘आम चुनावों’ को लेकर भारत सरकार ने कड़ा ऐतराज जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को पाकिस्तान के इस कदम को पूरी तरह से ‘गैर-कानूनी’ करार देते हुए एक मजबूत विरोध पत्र दर्ज कराया है।
7 जून को चुनाव, भारत का कड़ा विरोध
पाकिस्तान सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान असेंबली की 33 सीटों के लिए 7 जून 2026 को चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तान के समक्ष इस ‘तथाकथित चुनाव’ की योजना को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान द्वारा जबरदस्ती और गैर-कानूनी तरीके से कब्जाए गए इन इलाकों में इस तरह के प्रशासनिक या चुनावी कदमों का कोई कानूनी आधार नहीं है।
भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा
भारत सरकार ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है यह पूरा भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पाकिस्तान द्वारा किए गए किसी भी संवैधानिक या राजनीतिक बदलाव से इस जमीनी हकीकत में कोई अंतर नहीं आता कि इन इलाकों पर भारत का संप्रभु दावा है।
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मानवाधिकारों के उल्लंघन पर प्रहार
भारत ने पाकिस्तान की उन कोशिशों की भी कड़ी आलोचना की है, जिनके जरिए वह इस क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छिपाने की कोशिश कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के दिखावटी चुनाव कराने का मकसद वहां जारी राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और आजादी के अभाव जैसे मुद्दों से दुनिया का ध्यान भटकाना है। भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि वह भारत के इन गैर-कानूनी रूप से कब्जा किए गए इलाकों को तुरंत खाली कर दे।
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चीन-पाकिस्तान गठजोड़ को भी दिया संदेश
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत ने चीन-पाकिस्तान के एक संयुक्त बयान में इस क्षेत्र के जिक्र को ‘बेवजह’ बताकर खारिज कर दिया था। 2009 में गठित की गई इस असेंबली में चुनावों के माध्यम से पाकिस्तान अपनी पकड़ मजबूत दिखाना चाहता है, लेकिन भारत की इस ताजा प्रतिक्रिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी क्षेत्रीय अखंडता के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा।
