

Japan Earthquake News Latest Update: प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित जापान एक बार फिर कुदरत के कहर से दहल उठा है। शनिवार दोपहर जापान के उत्तरी नागानो प्रांत में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए जिससे लोगों में दहशत फैल गई। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:20 बजे आया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 मापी गई।
भूकंप की गंभीरता को देखते हुए जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से देशवासियों को सूचित किया कि भूकंप का केंद्र उत्तरी नागानो में स्थित था। प्रधानमंत्री ने स्थिति की निगरानी और राहत कार्यों के समन्वय के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में एक विशेष संकट प्रबंधन केंद्र और संपर्क कक्ष स्थापित किया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का तत्काल आकलन करें और जनता तक सटीक व पारदर्शी जानकारी पहुंचाएं ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे विनाशकारी प्रभाव ओमाची शहर में देखा गया। जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई में था, जिसके कारण झटके काफी तेज थे। तीव्रता के मामले में ओमाची शहर में 'पांच (ऊपरी स्तर)' और नागानो शहर में 'पांच (निचली स्तर)' की तीव्रता दर्ज की गई। इसके अलावा ओगावा गांव और मात्सुमोतो शहर में भी धरती कांपने की खबरें हैं। शुरुआती झटके के ठीक दो घंटे बाद, दोपहर 3:30 बजे ओमाची में एक और झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3 दर्ज की गई।
भूकंप के तुरंत बाद जो सबसे बड़ी चिंता सुनामी को लेकर थी उस पर 'द जापान टाइम्स' और स्थानीय मौसम विभाग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। विभाग के अनुसार, फिलहाल सुनामी आने का कोई खतरा नहीं है। इसके साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पड़ोसी प्रांतों में स्थित परमाणु संयंत्रों की भी सघन जांच की गई। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने पुष्टि की है कि निगाटा प्रांत में स्थित काशीवाजाकी-कारीवा न्यूक्लियर पावर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है और वहां किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या रिसाव की सूचना नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री ताकाइची ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अगले कुछ दिनों तक अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में इसी तरह की या इससे अधिक तीव्रता वाले आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) महसूस किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ऊँची इमारतों से दूर रहने और आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह दी है।