
अमेरिका चीन टेंशन, कॉन्सेप्ट फोटो
IUU Fishing China Report: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनातनी अब समुद्री सीमाओं से आगे गहराइयों तक फैलती दिख रही है। 20 जनवरी 2026 को अमेरिकी कांग्रेस की चीन मामलों पर बनी चयन समिति ने एक सनसनीखेज रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में चीन पर वैश्विक स्तर पर अवैध, बिना सूचना दिए और अनियमित (IUU) तरीके से मछली पकड़ने में सबसे बड़ा दोषी होने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन दुनिया का सबसे बड़ा दूरस्थ जलक्षेत्र मछली पकड़ने वाला बेड़ा संचालित करता है जिसमें लगभग 16,000 से अधिक जहाज शामिल हैं। समिति के अध्यक्ष जॉन मूलनेर और कार्लोस गिमेनेज के मुताबिक, ये जहाज सिर्फ व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं।
आरोप है कि इन्हें रणनीतिक उद्देश्यों के लिए एक तरह के ‘रणनीतिक हथियार’ और समुद्री मिलिशिया के रूप में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन जहाजों के जरिए अन्य देशों पर दबाव बनाने खुफिया सूचनाएं जुटाने और समुद्री संसाधनों के दोहन जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि अमेरिका में खपत होने वाले 80 प्रतिशत से अधिक समुद्री खाद्य उत्पाद आयात पर निर्भर हैं जिनकी आपूर्ति श्रृंखला का बड़ा हिस्सा चीन के नियंत्रण में है। इससे चीन को वैश्विक खाद्य आपूर्ति को प्रभावित करने और उसमें हस्तक्षेप करने की क्षमता मिल जाती है। साथ ही चीनी मछली पकड़ने वाले बेड़ों पर जबरन श्रम के उपयोग और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।
अमेरिकी सांसदों के अनुसार यह कदम समुद्री क्षेत्र में चीन का दबदबा स्थापित करने की एक सुनियोजित, राज्य-प्रेरित नीति का हिस्सा है। इस चुनौती से निपटने के लिए रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए गए हैं। इनमें सुरक्षा के लिए मछली नाम से एक वैश्विक गठबंधन गठित करने का प्रस्ताव शामिल है।
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साथ ही सहयोगी देशों को अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद देने के लिए अमेरिकी तटरक्षक बल की भूमिका को और सशक्त करने की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर अनिवार्य रूप से विशिष्ट पहचान प्रणाली लागू करने पर भी जोर दिया गया है।






