ईरान के कब्जे में कई अमेरिकी सैनिक! तेहरान के दावे पर भड़का अमेरिका, बोला- यह सिर्फ झूठ और...

Israel-Iran War: अमेरिकी सेना ने ईरानी दावों को खारिज किया कि कई अमेरिकी सैनिक युद्ध के दौरान बंदी बनाए गए। अमेरिका ने इसे झूठ और धूर्तता बताया। स्कूल हमले की जिम्मेदारी विवादित है।
US Soldiers Captured in Iran
ईरान ने अमेरिकी सैनिक को पकड़ने का दावा किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Soldiers Captured in Iran: अमेरिकी सेना ने ईरान के दावों को खारिज किया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ईरानी बलों ने कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने इन आरोपों को झूठ करार दिया। यह बयान ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी की टिप्पणी के तुरंत बाद आया। लारीजानी ने कहा था कि कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाया गया है और वॉशिंगटन उन्हें मारे हुए बताकर यह तथ्य छिपा रहा है।

लारीजानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "मुझे बताया गया है कि कई अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाया गया है, लेकिन अमेरिका दावा कर रहा है कि वे कार्रवाई के दौरान मारे गए। उनकी बेकार कोशिशों के बावजूद सच को ज्यादा देर तक छिपाया नहीं जा सकता।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी सरकार वास्तविक स्थिति को जनता से छुपा रही है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया।

छह अमेरिकी सैनिकों की मौत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता ने अल जजीरा को दिए बयान में कहा, "ईरानी सरकार का यह दावा अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने के बारे में केवल झूठ और धूर्तता का उदाहरण है।" उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। यह मृत्यु कुवैत में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले के दौरान हुई थी।

साथ ही, अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के आठवें दिन भी ईरान पर भारी बमबारी जारी रखी। ईरान की अर्धसरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि पिछले सप्ताह से जारी संघर्ष में अब तक 1,332 लोग मारे गए हैं। इनमें 180 बच्चे भी शामिल हैं, जो दक्षिण-पूर्वी शहर मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए। इस हमले की पूरी दुनिया में आलोचना हुई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि स्कूल पर हमले के लिए ईरान जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, "मैंने जो देखा है, उसके आधार पर यह ईरान ने किया है।" हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने विश्लेषण में दावा किया कि स्कूल पर हमला अमेरिका ने किया था। इस विवादित बयानबाजी और मौतों की संख्या ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक चिंता बढ़ रही है। 

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