Messi GOAT Controversy: अरूप बिस्वास को कोर्ट ने दी शर्तों के साथ बड़ी राहत, 17 अगस्त तक गिरफ्तारी पर लगी रोक

Lionel Messi GOAT Controversy: मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' मामले में पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 17 अगस्त तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
Messi GOAT Controversy: Court grants significant relief to Arup Biswas with conditions; arrest stayed until August 17.
अरूप बिस्वास और लियोनेल मेसी (फोटो सोर्स- आईएएनएस)
Published on: 
Updated on: 

Calcutta High Court Relief Arup Biswas: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को फुटबॉलर लियोनेल मेसी के 'GOAT इंडिया टूर' कार्यक्रम के दौरान कथित अनियमितताओं में राहत दी है। बिस्वास को 17 अगस्त तक गिरफ्तारी समेत किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम राहत मिली है।

साथ ही कोर्ट ने कई शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने बिस्वास को निर्देश दिया कि उनको  निचली अदालत में अपना पासपोर्ट सात दिनों के भीतर जमा करना होगा। साथ ही बिना कोर्ट की अनुमति के वे अपने आवासीय क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे।

कोर्ट ने लगाईं ये प्रमुख शर्तें

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि जांच एजेंसी कानून के अनुसार जांच जारी रखेगी। इस दौरान यदि अरूप बिस्वास को कोई नोटिस जारी किया जाता है, तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अरूप के साथ-साथ कोर्ट ने जांच एजेंसी पर भी शर्तें लगाईं। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी को कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। कोर्ट ने बिस्वास को निर्देश देते हुए कहा कि अरूप बिस्वास को जांच के दौरान पूरा सहयोग करना होगा। यदि वह नोटिस का जवाब नहीं देते हैं, तो पुलिस अदालत के संज्ञान में ला सकती है।

फास्ट-ट्रैक हियरिंग की अपील

अरूप बिस्वास की तरफ से दायर याचिका में उन्होंने पुलिस की सख्त कार्रवाई (जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है) से अंतरिम सुरक्षा की मांग की थी। इसी याचिका में, बिस्वास के वकील की ओर से मामले की तेजी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक हियरिंग) की अपील की गई थी। हालांकि, सिंगल जज वेकेशन बेंच ने पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा के लिए मुख्य याचिका को स्वीकार कर लिया, लेकिन मामले की तेजी से सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया।

क्या है मामला?

यह मामला पिछले साल 13 दिसंबर को लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान साल्ट लेक के युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है। इसी मामले में सोमवार सुबह, बिस्वास के वकील और पूर्व की ममता बनर्जी की सरकार में पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल रहे किशोर दत्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज वेकेशन बेंच में एक याचिका दायर की।

Navbharat Live
navbharatlive.com