Delhi Riots Case: ताहिर हुसैन की याचिका पर हाई कोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने का दिया आदेश

Delhi Riots Case: दिल्ली दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
Delhi Riots Case: High Court takes a stern view of Tahir Hussain's plea; orders Delhi Police to file a response.
दिल्ली दंगे का आरोपी ताहिर हुसैन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tahir Hussain Challenges Trial Court Order: दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे मामल में बुधवार को पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई की। पूर्व पार्षद ने ट्रायल कोर्ट के 29 जनवरी के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने मामले में आरोपी और पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की याचिका पर दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित की गई है।

अपील दाखिल करने में हुई देरी पर याचिका

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उस आवेदन पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है, जिसमें ताहिर हुसैन ने अपील दाखिल करने में हुई 67 दिनों की देरी को माफ करने का अनुरोध किया है। हुसैन का कहना है कि कुछ परिस्थितियों के कारण निर्धारित समयसीमा के भीतर अपील दाखिल नहीं की जा सकी, इसलिए देरी को न्यायहित में माफ किया जाना चाहिए। अदालत ने दिल्ली पुलिस को इस आवेदन पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। अब पुलिस को यह बताना होगा कि देरी माफ करने की मांग पर उसका क्या रुख है और क्या वह इसके विरोध में कोई आपत्ति दर्ज कराना चाहती है।

चुकी है खारिज

ट्रायल कोर्ट में सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन पर कथित तौर पर भीड़ को हिंदुओं के खिलाफ उकसाने का आरोप लगा था। ताहिर हुसैन लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और विभिन्न मामलों में अदालतों का रुख कर चुके हैं। इससे पहले विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की ओर संकेत करती है। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

क्या है पूरा मामला?

मामला फरवरी 2020 में दिल्ली दंगे के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या से जुड़ा है। 26 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा का शव खजूरी खास इलाके के एक नाले में मिला था। ताहिर हुसैन और अन्य पर आरोप लगा था कि वे गैरकानूनी भीड़ और साजिश का हिस्सा थे, जिसने दंगों के दौरान अंकित शर्मा की हत्या की।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने मार्च 2023 में ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ दंगा, घातक हथियार के साथ दंगा, विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।

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