गाजा विवाद पर अमेरिका का सख्त रुख, जांच की मांग करने वाले इन 3 समूहों पर लगाया बैन
US Ban Palestinian Human Rights: अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गाजा में कथित तौर पर हुए नरसंहार की जांच करने वाले तीन फिलिस्तीनी समूहों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
गाजा विवाद पर अमेरिका का सख्त रुख, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump bans Palestinian NGO: इजरायल और हमास के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका से अहम खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठनों पर पाबंदी लगा दी है, जो गाजा में कथित नरसंहार की जांच की मांग कर रहे थे। इन संगठनों में अल-हक, अल-मेजान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स और फिलिस्तीनी सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स (PCHR) शामिल हैं।
ये समूह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में इजरायल के गाजा हमलों और संभावित नरसंहार की जांच की अपील कर रहे थे। ICC विश्व स्तर पर गंभीर अपराधों, जैसे नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों, की जांच करने वाला प्रमुख न्यायालय है।
मानवाधिकार संगठनों ने की कड़ी आलोचना
अमेरिकी सरकार के इस फैसले की मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आलोचना की है और इसे दबाव और दमनकारी कदम करार दिया है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये संगठन ICC के साथ मिलकर साजिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि ये समूह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराने की योजना बना रहे थे।
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जानकारी के मुताबिक, तीनों मानवाधिकार संगठन गाजा में इजरायल के 2023-2025 के सैन्य अभियान को ‘नरसंहार’ बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय अदालत में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। गौरतलब है कि गाजा में इजरायल और हमास के बीच संघर्ष अक्टूबर 2023 से जारी है।
अमेरिका के इस कदम की हो रही निंदा
अमेरिका के इस कदम का विरोध फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठनों ने जोर-शोर से किया है। बैन लगाए गए समूहों में से एक, अल-हक ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वे अमेरिका के इस कदम की निंदा करते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि यह प्रयास फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और वास्तविकताओं को दबाने का है। इसके बावजूद, उनकी लड़ाई जारी रहेगी। अल-हक ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से अपनी जांच प्रक्रिया को तेज करने और इज़राइली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की भी अपील की है।
We condemn in the strongest terms the draconian sanctions imposed by The Department of the Treasury's Office of Foreign Assets Control (OFAC) on our organisations: @alhaq_org , @AlMezanCenter & @pchrgaza/1 — Al-Haq الحق (@alhaq_org) September 4, 2025
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बता दें कि जुलाई में, ट्रम्प प्रशासन ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA), जो पश्चिमी तट का प्रशासन करता है, और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO), जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीनियों का प्रतिनिधित्व करता है उस पर भी प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा, ट्रम्प प्रशासन ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में इजरायली बस्तियों और हिंसा में शामिल समूहों के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को भी हटा दिया।
