ब्रह्मांड में महासंग्राम! रूसी जासूसी स्पेसक्राफ्ट के निशाने पर यूरोपीय सैटेलाइट्स, परमाणु हमले की दी धमकी
Russian Spy Spacecraft: यूक्रेन-रूस युद्ध अब अंतरिक्ष तक पहुंच गया है। रूसी जासूसी स्पेसक्राफ्ट द्वारा यूरोपीय सैटेलाइट्स को इंटरसेप्ट करने और स्टारलिंक नेटवर्क पर परमाणु हमले की धमकियों ने दुनिया...
- Written By: अमन उपाध्याय
यूक्रेन रूस अंतरिक्ष युद्ध, फोटो (सो. एआई डिजाइन)
Ukraine Russia Space War News In Hindi: यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष अब केवल जमीन और आसमान की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है बल्कि यह अब अंतरिक्ष की गहराइयों तक पहुंच गया है। ताजा रिपोर्टों और अधिकारियों के दावों के अनुसार, रूस के जासूसी स्पेसक्राफ्ट यूरोपीय देशों के महत्वपूर्ण सैटेलाइट्स की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें इंटरसेप्ट कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने न केवल डेटा लीक होने का डर पैदा कर दिया है बल्कि सैटेलाइट्स के आपस में टकराकर क्रैश होने का खतरा भी बढ़ा दिया है।
रूसी जासूसी स्पेसक्राफ्ट का खौफ
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के Luch-1 and Luch-2 नाम के स्पेसक्राफ्ट इस जासूसी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। ये रूसी स्पेसक्राफ्ट यूरोप के उन 12 अहम सैटेलाइट्स के संचार को बीच में ही सुनने में कामयाब रहे हैं जो न केवल यूरोप बल्कि ब्रिटेन, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट तक सेवाएं प्रदान करते हैं। चिंताजनक बात यह है कि लुच-2 कम से कम 17 अलग-अलग सैटेलाइट्स के बेहद करीब जा चुका है।
हैक हो सकते हैं कमांड सिस्टम
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रूस इन सैटेलाइट्स की ‘ट्रैजेक्टरी’ बदलकर उन्हें जानबूझकर क्रैश करा सकता है। समस्या और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कई यूरोपीय सैटेलाइट्स पुराने सिस्टम पर काम कर रहे हैं जिनमें आधुनिक ‘एन्क्रिप्शन’ नहीं है। बिना एन्क्रिप्शन के इन सैटेलाइट्स के कमांड सिस्टम को हैक करना रूस के लिए बेहद आसान हो सकता है जिससे वह इनका नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
Usha Vance Hindu: उषा वेंस ने कहा मैं अपने हिंदू धर्म से खुश हूं, पति जेडी वेंस के बयान पर मचा बवाल
Bill Gates Affairs: बिल गेट्स ने कुबूले 3 एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, एपस्टीन ने की ब्लैकमेल की कोशिश
अब मचेगी कल्पना से परे तबाही! किम जोंग-उन ने उतारा 5,000 टन का खूंखार विध्वंसक, दुश्मनों के छूटेंगे पसीने
गर्मी के टॉर्चर से तड़पा यूरोप: फ्रांस में बत्ती गुल, कई यूरोपीय देशों में ‘रेड हीट वेव’ का इमरजेंसी अलर्ट
जर्मनी की चेतावनी और हाइब्रिड वॉरफेयर
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने इस खतरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि रूसी सैटेलाइट्स लगातार जर्मनी की सेना के उपग्रहों का पीछा कर रहे हैं। उन्होंने इसे रूस की ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ रणनीति का हिस्सा बताया है। इस रणनीति के तहत रूस न केवल अंतरिक्ष में जासूसी कर रहा है बल्कि जमीन पर ड्रोन भेजना और समुद्र के नीचे बिछे केबलों को काटने जैसे काम भी कर रहा है।
परमाणु धमाके की धमकी
यूक्रेन की सेना के लिए एलन मस्क का स्टारलिंक नेटवर्क इस समय सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। फ्रंटलाइन पर ड्रोन उड़ाने और सैनिकों के बीच तालमेल के लिए यूक्रेन इसी नेटवर्क का इस्तेमाल करता है। यूक्रेन द्वारा स्टारलिंक तक रूसी पहुंच रोकने की कोशिशों से क्रेमलिन बेहद नाराज है। रूसी सरकारी टीवी के एंकर व्लादिमीर सोलोव्योव ने सुझाव दिया है कि रूस को अंतरिक्ष में परमाणु धमाका करके स्टारलिंक सैटेलाइट्स को नष्ट कर देना चाहिए।
यह भी पढ़ें:- यूक्रेन-रूस शांति वार्ता: अबू धाबी में 314 कैदियों की रिहाई पर बनी सहमति, लेकिन बड़े समझौते पर पेंच फंसा
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तकनीक में पीछे होने के कारण रूस को बाद में संदेश भेजने के लिए कबूतरों का सहारा लेना पड़ सकता है। इस बीच, नाटो देशों की खुफिया एजेंसियों को डर है कि रूस विशेष ‘एंटी-सैटेलाइट’ हथियार विकसित कर रहा है जो अंतरिक्ष में भारी तबाही मचा सकता है।
