बड़े ‘हवाई हमले’ की तैयारी में जेलेंस्की! फ्रांस से आ रहे खतरनाक लड़ाकू विमान, पुतिन की उड़ी नींद

Ukraine Rafale Jets Deal: रूस की बढ़ती सैन्य आक्रामकता के बीच यूक्रेन ने फ्रांस के साथ एक ऐतिहासिक रक्षा सौदा कर लिया है। पेरिस में हुए इस समझौते के तहत यूक्रेन को 100 राफेल लड़ाकू विमान मिलेंगे।
A direct challenge to Putin... Zelensky is preparing for a major air war against Russia! A deal for 100 Rafales is signed with France.
जेलेंस्की ने फ्रांस से 100 राफेल की डील की, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Zelensky Macron Defence Deal: यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक बड़े और रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता न सिर्फ वर्तमान संकट को देखते हुए महत्वपूर्ण है, बल्कि यूक्रेन की भविष्य की वायुसेना को पुनर्गठित करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।

इस डील के तहत फ्रांस यूक्रेन को 100 राफेल लड़ाकू विमान उपलब्ध कराएगा, जो रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

ऐतिहासिक दस्तावेज पर साइन

फ्रांस के विलाकुब्ले एयरबेस पर जेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस ऐतिहासिक दस्तावेज पर साइन किए। टीवी फुटेज में दोनों नेताओं को राफेल जेट के सामने इस समझौते को औपचारिक रूप से मंजूरी देते हुए देखा गया। जेलेंस्की ने फ्रांस की मीडिया से बातचीत में पुष्टि की कि यूक्रेन ने आधिकारिक तौर पर 100 राफेल फाइटर जेट ऑर्डर किए हैं। एलिसे पैलेस ने भी इस संख्या को सही बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि विमान मौजूदा फ्रेंच बेड़े से आएंगे या नए ऑर्डर के रूप में तैयार किए जाएंगे।

मिसाइलें भेजने की भी घोषणा

यह डील लगभग 10 साल की रणनीतिक एविएशन पार्टनरशिप का हिस्सा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि शुरुआती खेप में कुछ राफेल विमानों की आपूर्ति फ्रांस के मौजूदा स्टॉक से की जा सकती है, जबकि बाकी भविष्य में निर्मित होंगे। यूक्रेन की योजना कुल 250 लड़ाकू विमानों की वायुसेना तैयार करने की है, जिसमें अमेरिकी F-16 और स्वीडन का ग्रिपेन भी शामिल है। फ्रांस शुरुआत से ही यूक्रेन की एयर डिफेंस को मजबूत करने में रुचि दिखा रहा है। हाल ही में फ्रांस ने मिराज लड़ाकू विमान और Aster-30 मिसाइलें भेजने की भी घोषणा की थी। हालांकि मैक्रों की सरकार घरेलू राजनीतिक और बजटीय चुनौतियों का सामना कर रही है, फिर भी फ्रांस ने यूक्रेन को दीर्घकालिक सैन्य सहायता देने का वादा दोहराया है।

एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भी चर्चाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि राफेल जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स के लिए यूक्रेनी पायलटों को लंबी और कड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों से गुजरना होगा। इसके बावजूद, कीव का मानना है कि ये विमान आने वाले वर्षों में जंग के समीकरण को बदलने में निर्णायक साबित होंगे।

जेलेंस्की की यह यात्रा केवल राफेल डील तक सीमित नहीं रहने वाली। सूत्रों के अनुसार, SAMP/T एयर डिफेंस सिस्टम, अगली पीढ़ी की मिसाइलें और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है विशाल राफेल सौदे की फंडिंग कैसे होगी? यूक्रेन अब तक बड़े पैमाने पर अमेरिकी सहायता पर निर्भर रहा है, और यूरोप में भी वित्तीय समर्थन को लेकर बहस जारी है।

इसके बावजूद, राफेल डील को रूस के खिलाफ यूक्रेन की दीर्घकालिक रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। सैन्य विश्लेषकों के मुताबिक, यह सौदा न केवल यूक्रेन की वायुसेना को तकनीकी बढ़त देगा, बल्कि पश्चिमी देशों के बीच यूक्रेन को समर्थन देने की एकजुटता का भी बड़ा संकेत है।

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