

रूस के साथ चल रहे साढ़े तीन साल से अधिक लंबे युद्ध के बीच यूक्रेन ने अपने हथियारों के भंडार में नई ताकत जोड़ते हुए ‘फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइल’ का सफल युद्धक परीक्षण किया है।
यह मिसाइल पूरी तरह यूक्रेन में विकसित की गई है और रणनीतिक दीप-स्ट्राइक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका पहला उपयोग 13 नवंबर की रात किया गया जब यूक्रेनी सेना ने रूस और उसके कब्जे वाले कई इलाकों में एक साथ चार मिसाइलें दागीं।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया, जिसमें ओर्योल शहर के ऊपर आग की लपटें और विस्फोट साफ दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, चार में से एक मिसाइल को रूसी वायु रक्षा ने गिरा दिया, लेकिन बाकी मिसाइलों ने अपने लक्ष्य को सटीक रूप से हिट किया। हमलों में क्रीमिया और ज़ापोरिज़्ज़िया के कब्जे वाले हिस्सों में तेल डिपो, ड्रोन भंडारण केंद्र, हेलीकॉप्टर पार्किंग ज़ोन और वायु-रक्षा की स्थिति को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन का दावा है कि उसकी कुछ मिसाइलें रूस की धरती के भीतर कई संवेदनशील ठिकानों तक पहुंचीं। हालांकि वहां हुए नुकसान का पूरा विवरण अभी जारी नहीं किया गया है। उधर रूस की तरफ से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक नहीं दी गई है।
FP-5 फ्लेमिंगो एक सबसोनिक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है, जिसे यूक्रेन की कंपनी फायर पॉइंट ने विकसित किया है। अगस्त 2025 में इसे गुप्त रूप से पेश किया गया था और अब पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किया गया है। यह अमेरिकी टोमाहॉक से भी लंबी रेंज के साथ आती है।
इसकी क्षमता बेहद शक्तिशाली मानी जा रही है-रेंज: 3,000 किलोमीटर से अधिक
गति: 900–950 किमी प्रति घंटा (सबसोनिक)
वारहेड: 1,000–1,150 किलोग्राम, बंकर-बस्टिंग क्षमता के साथ
नेविगेशन: इंटरनल + GPS आधारित
विंगस्पैन: लगभग 6 मीटर
यह मिसाइल 10 मीटर मोटी कंक्रीट को भेदने में सक्षम भारी वारहेड ले जाती है।
वीडियो फुटेज में ओर्योल के थर्मल पावर प्लांट पर हुए विस्फोट साफ दिख रहे हैं, जहां फ्लेमिंगो मिसाइलों ने भारी नुकसान पहुंचाया। यह हमला यूक्रेन के Bars और Liutyi ड्रोन्स के साथ मिलकर किया गया था, जिससे रूस की वायु सुरक्षा प्रणाली चुनौती में दिखी।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेमिंगो मिसाइल यूक्रेन की रणनीतिक क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाती है। इसकी लंबी रेंज रूसी मुख्यभूमि के गहरे इलाकों तक पहुंचने का खतरा पैदा करती है, जो युद्ध के संतुलन को बदल सकती है।