जिनेवा में फिर आमने-सामने होंगे रूस-यूक्रेन, ट्रंप की 'जून डेडलाइन' के बीच अहम बैठक, क्या खत्म हो जाएगी जंग?

Russia Ukraine Geneva Talks: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की मध्यस्थता में अगले सप्ताह जिनेवा में शांति वार्ता होगी। ट्रंप प्रशासन ने समझौता करने के लिए जून तक समय दिया है।
Russia and Ukraine will face off again in Geneva, a crucial meeting is scheduled amid Trump's June deadline. Will the war end?
वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Updated on

Russia Ukraine Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे खूनी संघर्ष को थामने के लिए अगले सप्ताह जिनेवा में एक बार फिर कूटनीतिक प्रयास शुरू होने जा रहे हैं। अमेरिकी मध्यस्थता में होने वाली यह शांति वार्ता मंगलवार और बुधवार को आयोजित की जाएगी। इसकी पुष्टि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के सलाहकार दिमित्रो लिट्विन दोनों ने की है। यह वार्ता रूस द्वारा अपने पड़ोसी देश पर किए गए पूर्ण पैमाने पर आक्रमण की चौथी बरसी से ठीक पहले हो रही है।

दिग्गज वार्ताकारों की वापसी

इस बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व व्लादिमीर मेदिंस्की द्वारा किया जाना है जो राष्ट्रपति पुतिन के सलाहकार हैं और 2022 की इस्तांबुल वार्ता का भी हिस्सा थे। उनकी वापसी यह संकेत देती है कि इस बार चर्चा केवल सैन्य मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक समाधानों की ओर मुड़ सकती है। वहीं, यूक्रेन की ओर से रुस्तम उमेरोव (राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद प्रमुख) एक बार फिर कमान संभालेंगे।

अमेरिका की 'जून डेडलाइन' का दबाव

शांति की इन कोशिशों के पीछे अमेरिका का बड़ा हाथ है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पिछले सप्ताह खुलासा किया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने दोनों देशों को समझौता करने के लिए जून तक की समय सीमा दी है। हालांकि इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई कई समय सीमाएं बेअसर रही हैं, लेकिन जिनेवा की इस बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। इससे पहले अबू धाबी में हुई दो दौर की बातचीत डोनबास जैसे विवादित क्षेत्रों पर सहमति न बन पाने के कारण विफल रही थी।

बैटलफील्ड पर 'धीमी' चाल और हमले

एक तरफ जहां मेज पर सुलह की बात हो रही है, वहीं जमीनी हकीकत अब भी खौफनाक है। लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन पर भीषण जंग जारी है। नेटो (NATO) महासचिव मार्क रुटे ने रूसी सेना की प्रगति को 'बगीचे के घोंघे की गति' के समान बताया है, जो बहुत धीमी और नुकसानदेह है।

इस बीच, युद्ध के मैदान में हमले भी जारी हैं हाल ही में पूर्वी यूक्रेन में एक हमले में तीन भाइयों की मौत हो गई जबकि ओडेसा के पोर्ट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर रूसी प्रहार में एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं, रूस ने भी दावा किया है कि उसने रात भर में 58 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com