Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

OPEC से 59 साल बाद अलग हो रहा UAE, सऊदी से तनाव या उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी, इन 6 सवालों से समझें पूरा गणित

UAE Leaves OPEC: UAE ने 59 साल बाद OPEC से अलग होने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। ईरान संकट और $100 के पार कच्चे तेल के बीच इस कदम का भारत और वैश्विक बाजार पर क्या असर होगा? जानिए पूरी रिपोर्ट।

  • Written By: अक्षय साहू
Updated On: Apr 29, 2026 | 12:52 PM

UAE ने OPEC और OPEC+ छोड़ने का ऐलान किया (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

UAE Leaves From OPEC and OPEC+: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 28 अप्रैल 2026 को कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देशों के संगठन OPEC और उसके सहयोगी समूह OPEC+ से अलग होने का ऐलान किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संकट गहराता दिख रहा है। UAE के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल बढ़ने और OPEC की एकजुटता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

करीब 59 साल बाद UAE का इस समूह से अलग होने का फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन में बदलाव और अन्य तेल उत्पादक देशों की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर किन कारणों से UAE ने यह बड़ा कदम उठाया और इसके दूरगामी परिणाम क्या होंगे।

OPEC क्या है और इसका काम क्या है?

OPEC यानी ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज की स्थापना 1960 में हुई थी। इसके संस्थापक देशों में ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला शामिल थे। बाद में UAE 1967 में इसका हिस्सा बना।

सम्बंधित ख़बरें

राघव चड्ढा को बचाने की प्रियंका चोपड़ा ने ली थी गारंटी? नवजोत कौर ने ईडी की रेड और बगावत का खोला कच्चा चिट्ठा!

Nepal Ambassador Vacancy: नेपाल में पीएम बालेन शाह ने रचा इतिहास, राजदूत पदों के लिए निकाली खुली भर्ती

Trump King Controversy: क्या ट्रंप खुद को मान बैठे ‘किंग’? अमेरिकी लोकतंत्र पर सवाल और व्हाइट हाउस का रुख

US Iran War: क्या ‘मैं जीत गया’ बोलकर जंग से बाहर निकलने को तैयार हैं डोनाल्ड ट्रंप? 

OPEC का उद्देश्य सदस्य देशों की तेल नीतियों को समन्वित करना है ताकि कीमतों को स्थिर रखा जा सके और उत्पादन को नियंत्रित किया जा सके। यह संगठन वैश्विक तेल उत्पादन का लगभग 30% नियंत्रित करता है। 2016 में OPEC+ बना, जिसमें रूस और अन्य गैर-OPEC देश शामिल हुए, जिससे यह प्रभाव लगभग 40% तक पहुंच गया।

UAE ने OPEC से अलग होने का फैसला क्यों किया?

UAE ने कहा है कि यह फैसला उसके राष्ट्रीय हितों और दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति के तहत लिया गया है। देश अब अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक बाजार में अधिक स्वतंत्र भूमिका निभाने पर ध्यान देना चाहता है।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव है, जो दुनिया के तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। UAE ने क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को लेकर खाड़ी देशों के रुख पर भी असंतोष जताया है।

क्या OPEC बिखर रहा है?

UAE का बाहर निकलना संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह से बिखराव नहीं है। UAE OPEC के प्रमुख उत्पादकों में से एक था और इसके जाने से उत्पादन क्षमता पर असर पड़ सकता है।

हालांकि इतिहास में कई देश पहले भी OPEC छोड़ चुके हैं, लेकिन UAE जैसे बड़े खिलाड़ी का जाना संगठन की एकता और सऊदी नेतृत्व पर सवाल जरूर खड़े करता है। अगर आगे और देश भी इसी राह पर चलते हैं, तो OPEC का प्रभाव कमजोर हो सकता है।

UAE के जाने किसे नुकसान और किसे फायदा होगा?

OPEC और खासकर सऊदी अरब को उत्पादन नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है। तेल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे उनकी आय प्रभावित होगी। वहीं, UAE के स्वतंत्र होने से वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में गिरावट संभव है। मौजूदा समय में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चल रहा है। इस स्थिति का सबसे बड़ा फायदा उन देशों को मिल सकता है जो तेल आयात पर निर्भर हैं, जैसे भारत, जहां 80% से अधिक तेल आयात किया जाता है।

यह भी पढ़ें- खुद को अमर बनाना चाहते हैं ट्रंप…डॉलर पर सिग्नेचर के बाद उठाया एक और बड़ा कदम, पासपोर्ट पर भी होगी फोटो

UAE की ‘विजन 2031’ और तेल उत्पादन क्षमता

UAE अब केवल तेल बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह अपनी उत्पादन क्षमता को 50 लाख बैरल प्रति दिन तक बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। OPEC में बने रहने का मतलब उत्पादन कटौती के नियमों का पालन करना था, जिससे उसके निवेश पर रिटर्न धीमा पड़ रहा था। ऐसे में अपनी बड़ी निवेश योजनाओं को सफल बनाने के लिए UAE को अधिक स्वतंत्रता की जरूरत महसूस हुई।

UAE के OPEC छोड़ने का भारत पर क्या असर होगा?

UAE के OPEC से अलग होने का भारत पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। सबसे पहले, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। OPEC आमतौर पर उत्पादन को नियंत्रित कर कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करता है, लेकिन UAE के अलग होने से यह संतुलन कमजोर पड़ सकता है। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।

यह भी पढ़ें- Iran Peace Deal: समझौते पर फंसा पेच, ईरान ने प्रस्ताव के लिए मांगा समय, ट्रंप का कड़ा रुख

साथ ही, सप्लाई के मोर्चे पर भी असर दिख सकता है। UAE भारत का एक प्रमुख तेल सप्लायर है। अगर वह OPEC की पाबंदियों से बाहर आकर उत्पादन बढ़ाता है, तो भारत को अधिक तेल और बेहतर कीमत मिल सकती है। लेकिन अगर उत्पादन कम होता है या निर्यात नीति बदलती है, तो सप्लाई पर दबाव भी बन सकता है। 

भारत को सीधे मिल सकता है फायदा

इस फैसले से भारत के लिए कुछ अवसर भी पैदा हो सकते हैं। UAE अब द्विपक्षीय समझौतों पर ज्यादा ध्यान दे सकता है, जिससे भारत को सीधे और लचीले शर्तों पर तेल खरीदने का मौका मिल सकता है। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा UAE पर ईरान और रूस की तरह अमेरिकी प्रतिबंध भी नहीं है। ऐसे में भारत UAE से तेल आयात की मात्रा को बढ़ाकर अपनी जरूरत को असानी से पूरा कर सकता है। हालांकि भारत को इस बात पर ध्यान देना होगा कि OPEC से अलग होने के बाद UAE तेल व्यापार को लेकर कैसी नीति अपनाता है। कुल मिलाकर, यह कदम भारत के लिए चुनौती और अवसर दोनों लेकर आ सकता है, जिसका असर लंबे समय तक दिख सकता है।

Uae leaves opec impact on global oil market and india explained

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 29, 2026 | 12:51 PM

Topics:  

  • America
  • India
  • Latest News
  • Saudi Arabia
  • UAE
  • World News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.