Donald Trump King Controversy Debate: ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय इस समय अमेरिका के अपने शाही दौरे पर आए हुए हैं। उनकी इस यात्रा ने डोनाल्ड ट्रंप किंग के नाम से कई तरह की नई चर्चाओं को जन्म दिया है। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति और किंग चार्ल्स की एक साझा तस्वीर सोशल मीडिया पर लोगों के साथ साझा की है। इस तस्वीर के कैप्शन में 'दो राजा' लिखे जाने के बाद से पूरे अमेरिका में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
ट्रंप के विरोधियों का मानना है कि वह खुद को एक राजा की तरह पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई बार ऐसे वीडियो साझा किए हैं जिनमें वह खुद को राजशाही अंदाज में दिखाते हैं। डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि यह मानसिकता अमेरिका के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बहुत बड़ा खतरा है। जनता भी अब इस बात पर चिंता जता रही है कि क्या सच में अमेरिका का लोकतंत्र पूरी तरह से खतरे में आ गया है।
व्हाइट हाउस द्वारा साझा की गई नई तस्वीर में राष्ट्रपति और किंग चार्ल्स दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं। इस आम सी दिखने वाली तस्वीर में कोई विवाद नहीं है, लेकिन इसके कैप्शन ने लोगों का ध्यान खींचा है। तस्वीर के साथ लिखा गया 'दो राजा' शब्द लोगों को अब तानाशाही रवैये की याद दिला रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने खुद को इस तरह से एक राजा के रूप में पेश किया है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने अपना एक ऐसा वीडियो शेयर किया था जिसमें वह मुकुट पहनकर फाइटर जेट उड़ा रहे थे। एक अन्य वीडियो में वह राजा की पोशाक पहने थे और कई नेता उनके सामने घुटनों पर झुके हुए थे।
डेली मेल की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार दोनों बड़े नेता बहुत दूर के रिश्ते में चचेरे भाई लगते हैं। उन्होंने खुद एक बार सोशल मीडिया पर यह अनोखा दावा किया था कि वह हमेशा से बकिंघम पैलेस में रहना चाहते थे। ब्रिटेन के राजा के शाही दौरे से ठीक पहले उनका यह पुराना बयान एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
अमेरिका का इतिहास ही ब्रिटिश राजशाही से लड़कर हासिल की गई अपनी महान और ऐतिहासिक आजादी की कहानी है। अमेरिका के 13 उपनिवेशों ने आजादी के लिए 1775 में ब्रिटिश राजा जॉर्ज तृतीय के खिलाफ पूरे 8 साल लंबा युद्ध लड़ा था। आखिरकार 1776 में अमेरिका ने पूरी तरह से खुद को एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश के रूप में घोषित किया था।
न्यूयॉर्क के बड़े डेमोक्रेट नेता जो मोरेल ने साफ कहा कि अमेरिका में कभी भी कोई एक व्यक्ति सबसे ऊपर नहीं हो सकता है। उनका मानना है कि शायद वह अमेरिका और ब्रिटेन के राजनीतिक ढांचे के इस सबसे बड़े और अहम फर्क को समझ नहीं पा रहे हैं। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि वह अमेरिका के संवैधानिक नियमों को पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं।
इन तमाम विवादों और अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों के बाद खुद राष्ट्रपति ने अपनी सफाई दुनिया के सामने पेश की है। उन्होंने हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी तरह से कोई राजा नहीं हैं। उनका कहना था कि अगर वह सच में एक राजा होते, तो वह मीडिया या आम लोगों से इस तरह बात नहीं कर रहे होते।