तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Israel War News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच तुर्किए ने एक बड़ा कूटनीतिक रुख अपनाते हुए ईरान का खुला समर्थन कर दिया है। तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अंकारा में सांसदों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में वे ईरान के साथ खड़े हैं और उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की है।
राष्ट्रपति एर्दोगन ने अपने संबोधन में सांप्रदायिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए कहा कि मैं न तो सुन्नी हूं और न ही शिया। हम सब मुसलमान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक-दूसरे का समर्थन करने और युद्ध रोकने का समय है। एर्दोगन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इस हिंसा को तुरंत नहीं रोका गया, तो यह आग केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लेगी।
एर्दोगन ने इस युद्ध के लिए सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध इजरायल ने शुरू किया है और वे ही इसे रोक सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका-इजरायल द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का “साफ उल्लंघन” करार दिया है। हालांकि, एर्दोगन ने एक दिलचस्प कूटनीतिक रणनीति अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर सीधे आलोचना करने से परहेज किया है, ताकि उनके साथ व्यक्तिगत संबंधों को सुरक्षित रखा जा सके।
तुर्किए इस समय ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की सक्रिय कोशिश कर रहा है ताकि वैश्विक शांति बहाल हो सके। तुर्किए के विदेश मंत्री हाकान फिदान इस संकट से निपटने के लिए लगातार कूटनीतिक चर्चाएं कर रहे हैं।
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दूसरी ओर, इजरायल ने तुर्किए के इस रुख की कड़ी निंदा की है। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा है कि तुर्किए भी अब ईरान के पदचिन्हों पर चल रहा है और हमास, कतर व सीरिया के साथ मिलकर इजरायल के खिलाफ एक समूह बना रहा है। गौरतलब है कि तुर्किए क्षेत्र का एकमात्र ऐसा देश है जिस पर ईरान ने अब तक कोई आक्रामक हमला नहीं किया है।