ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकराएंगे ट्रंप? होर्मुज संकट के बीच $110 के पार पहुंचा कच्चा तेल, दुनिया में हड़कंप
Trump Rejects Iran Proposal: ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के संकेत दिए हैं। जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतें तीन हफ्तों में पहली बार 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, एआई डिजाइन फोटो
Trump Rejects Iran Proposal Oil Prices Cross 110: दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति की जीवन रेखा माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव एक बार फिर चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया कि वे युद्ध को समाप्त करने और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के ईरान के नए प्रस्ताव को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में इस बात पर चिंता जताई कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सुलझाए बिना कोई भी समझौता अमेरिका के कूटनीतिक प्रभाव को कमजोर कर सकता है। इसकी खबर आते ही दुनिया में एक बार फिर तेल की कीमतों में आग लग गई है। रिपोर्ट के अनुसार, फिर से कच्चे तेल 110 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है।
परमाणु कार्यक्रम पर अड़ा अमेरिका
ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी प्रतिबंध के फिर से खोल देगा, बशर्ते उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को भविष्य के लिए टाल दिया जाए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के यूरेनियम संवर्धन और उसके भंडार से जुड़े सवालों को हल किए बिना जलमार्ग खोलना अमेरिका के हाथ से एक बड़ा ‘लीवरेज’ छीन लेगा।
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ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी संभावित सौदे के लिए ईरान को अपने उच्च-श्रेणी के यूरेनियम भंडार को छोड़ना होगा और संवर्धन बंद करना होगा, जिसे ईरान लगातार नकारता रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
होर्मुज दुनिया की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 20% हिस्सा आपूर्ति करता है। फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बाद से यह जलमार्ग यातायात के लिए लगभग बंद है।
हालांकि ईरान ने इसे संक्षिप्त रूप से खोला था लेकिन अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के विरोध में इसे फिर से बंद कर दिया गया। इस बंद के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है और दुनिया भर के देशों ने संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील की है।
तेल की कीमतों में लगी आग
समझौते की कोई उम्मीद न दिखने के कारण वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मच गई है। कच्चे तेल की कीमतें तीन हफ्तों में पहली बार 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। वैश्विक बेंचमार्क ‘ब्रेंट क्रूड’ 2.7% की बढ़त के साथ 111.2 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क ‘WTI’ 2.3% बढ़कर 98.5 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका में गैस की बढ़ती कीमतों ने ट्रंप प्रशासन के लिए घरेलू स्तर पर भी चिंता पैदा कर दी है।
रूस का साथ और ईरान के कड़े तेवर
इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और वार्ता की विफलता के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
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ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रज़ा तलाई-निक ने कड़े लहजे में कहा कि वाशिंगटन अब स्वतंत्र राष्ट्रों पर अपनी नीतियां थोपने की स्थिति में नहीं है और उसे अपनी ‘अतार्किक मांगों’ को छोड़ देना चाहिए। फिलहाल, पाकिस्तान में चल रही दूसरे दौर की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद दोनों पक्ष किसी ठोस नतीजे पर पहुंचते नहीं दिख रहे हैं।
