Iran Radar Attack: ईरान ने बहरीन और कुवैत में तबाह किए अमेरिकी रडार, सैटेलाइट से खुलासा
Iran Radar Attack: ईरान ने बहरीन और कुवैत में तैनात अमेरिकी रडार सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इन ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से हमले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिससे भारी तनाव है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान ने तबाह किए अमेरिकी रडार (सोर्स-सोशल मीडिया)
US bases Iran Radar Attack: ईरान ने बहरीन और कुवैत में तैनात महत्वपूर्ण अमेरिकी रडार सिस्टम पर भीषण हमला किया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग ने इन खतरनाक हमलों की ताजा सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में बहरीन के माउंट अल-दुखान पर स्थित अमेरिकी टीपीएस-59 रडार सिस्टम पूरी तरह मलबे में तब्दील नजर आ रहा है। यह बड़ा हमला अमेरिका और संभावित शांति डील से ठीक पहले हुआ है।
कुवैत के अली अल-सालेम में स्थित अमेरिकी एएसआर-1000 रडार को भी सटीक हमलों से नष्ट कर दिया गया है। अमेरिका लगातार यह दावा कर रहा था कि उसने सभी हमलों को नाकाम कर दिया है। लेकिन बहरीन और कुवैत से सामने आई तस्वीरों ने इन दावों की हवा निकाल दी है। जमीनी हकीकत यह है कि अमेरिकी अर्ली वार्निंग रडार अब सिर्फ मलबे का ढेर बन चुका है।
शांति समझौते पर बड़ा असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि 14 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति डील होगी। उन्होंने कहा था कि इस डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तत्काल प्रभाव से खोल दिया जाएगा। लेकिन इस शांति समझौते से ठीक पहले हुए रडार हमले ने सबको चौंका दिया है। इससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है।
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डोनाल्ड ट्रंप का मानना था कि यह डील गारंटी होगी कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। इससे क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बढ़ने की पूरी उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, जमीनी हालात और रडार हमलों की तस्वीरों ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शांति वार्ता के बीच इस तरह के सैन्य कदम से दोनों देशों का अविश्वास और गहरा हो गया है।
ईरान के विदेश मंत्री की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने हाल ही में एक इंटरव्यू में डील की शर्तें बताई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच यह बहुप्रतीक्षित डील दो चरणों में हो रही है। पहले चरण की सभी शर्तें पूरी होने के बाद ही अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान अपने रुख पर पूरी तरह से कायम है और किसी भी भारी दबाव में बिल्कुल नहीं झुकेगा।
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विदेश मंत्री ने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका शुरुआती समझौते नहीं मानता तो डील नहीं होगी। ईरान किसी भी हालत में अमेरिका की एकतरफा शर्तों के आगे अपना सिर नहीं झुकाएगा। अब इन ताजा हमलों से साफ है कि ईरान सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय है। पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि 14 जून को यह ऐतिहासिक डील हो पाती है या नहीं।
