
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Russia Ukraine Peace Efforts: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे संघर्ष को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सक्रिय रूप से कूटनीतिक समाधान खोजने में जुटे हुए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि ट्रम्प रूस यूक्रेन शांति प्रयास के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों देशों को वार्ता की मेज पर लाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच किसी सीधी बातचीत का कोई निश्चित कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। राष्ट्रपति की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और लगातार शांति की दिशा में नए विकल्पों पर काम कर रही है।
व्हाइट हाउस ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति इस गंभीर मामले में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं और उन्हें हर छोटे-बड़े घटनाक्रम की जानकारी दी जाती है। उनका मानना है कि बातचीत ही वह एकमात्र रास्ता है जिसके माध्यम से इस विनाशकारी युद्ध का एक ठोस और स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
प्रेस सचिव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति की कोशिशों को जरा भी कम नहीं किया है और न ही इन्हें छोड़ा है। कूटनीति उनकी वर्तमान विदेश नीति के एजेंडे में सबसे ऊपर है और वे इसे एक सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में देख रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य युद्धविराम की स्थिति बनाना है ताकि आगे होने वाले किसी भी जानमाल के नुकसान को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
हाल के दिनों में अमेरिका के विशेष दूतों द्वारा आयोजित की गई बैठकें शांति की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। व्हाइट हाउस ने इन बैठकों को ऐतिहासिक करार दिया है क्योंकि इसमें युद्ध में शामिल दोनों पक्षों ने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी दर्ज की है। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा करना और एक साझा सहमति बनाना है।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा यह संघर्ष अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है और इसने दुनिया की काफी तस्वीर बदल दी है। इस युद्ध का सीधा और गहरा असर वैश्विक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और विशेष रूप से यूरोप के शक्ति संतुलन पर पड़ रहा है। भारत जैसे देशों के लिए भी इस संघर्ष में अमेरिका द्वारा निभाई जा रही शांति दूत की भूमिका भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनी हुई है।
राष्ट्रपति के सलाहकार वर्तमान कूटनीतिक प्रयासों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी भी रणनीतिक अवसर को हाथ से न जाने दिया जाए। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत का माहौल तैयार करें। हालांकि पुतिन के साथ इस हफ्ते कोई कॉल तय नहीं है, लेकिन पर्दे के पीछे कूटनीतिक संवाद के द्वार पूरी तरह से खुले रखे गए हैं।
यह भी पढ़ें: खुलेआम गोरा-काला करने लगे एलन मस्क…सोशल मीडिया को बनाया हथियार, ट्रंप के MAGA की जगह शुरु किया WAGA
अमेरिकी सरकार का वर्तमान मुख्य लक्ष्य एक ऐसा राजनीतिक समाधान ढूंढना है जो दोनों देशों को युद्धविराम के लिए पूरी तरह सहमत कर सके। युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिका ने न केवल सुरक्षा बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी अपनी एक बहुत ही प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभाई है। व्हाइट हाउस की टीम लगातार शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नए-नए प्रस्तावों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने में व्यस्त है।
Ans: सूत्रों के अनुसार, फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति पुतिन के बीच किसी फोन कॉल का कोई कार्यक्रम तय नहीं है।
Ans: व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप युद्ध खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में लगातार जुड़े हुए हैं और उनके सलाहकार उन्हें हर अपडेट देते हैं।
Ans: हां, प्रेस सचिव के अनुसार हालिया ऐतिहासिक बैठकों में युद्ध में शामिल दोनों पक्षों ने भाग लिया और युद्ध खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की।
Ans: स्रोतों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है।
Ans: इस संघर्ष का असर वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और यूरोप में शक्ति संतुलन पर लगातार पड़ रहा है।






