अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम (सोर्स- सोशल मीडिया)
Lindsey Graham on US-India Trade Deal: डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थक माने जाने वाले अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम कभी भारत पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इस संबंध में एक ऐसा बिल भी पेश किया था, जिसमें भारत पर 500 फीसदी टैरिफ का प्रावधान था। हालांकि यह बिल अब तक पारित नहीं हुआ है।
लेकिन अब ग्राहम के सुर पूरी तरह बदल चुके हैं। भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत की खुलकर तारीफ की है। ग्राहम ने कहा कि भारत ने अपने आचरण से टैरिफ में मिली कटौती को पूरी तरह से “डिजर्व” किया है। यह बदलाव खास तौर पर भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने की सहमति से जोड़ा जा रहा है।
लिंडसे ग्राहम ने भारत के इस कदम को रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक “मास्टरस्ट्रोक” बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है जो देश पुतिन की युद्ध मशीन को सहारा दे रहे हैं, उन्हें अब अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।
ग्राहम के मुताबिक, पुतिन तभी बातचीत की मेज पर आएंगे जब उन पर आर्थिक दबाव असहनीय हो जाएगा। भारत द्वारा रूसी तेल से दूरी बनाना रूस के लिए एक बड़ा झटका है। अब ग्राहम दुनिया के दूसरे देशों के सामने भारत को एक उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि अन्य बड़े देश भी भारत की राह पर चलेंगे।
लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, “शानदार काम, राष्ट्रपति ट्रंप। मुझे लगता है कि युद्ध को खत्म करने को लेकर आपका संदेश असर दिखा रहा है। पुतिन के ग्राहक अब दोबारा सोचने को मजबूर हो रहे हैं। अपने व्यवहार से भारत ने यह टैरिफ कटौती पूरी तरह से हासिल की है। मुझे उम्मीद है कि रूस से तेल खरीदने वाले दूसरे बड़े देश भी भारत का अनुसरण करेंगे। पुतिन तभी बातचीत करेंगे जब दर्द बहुत ज्यादा होगा। हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन भारत के कदम हमें उस दिशा में जरूर ले जा रहे हैं। यूक्रेन में खून-खराबा अब खत्म होना चाहिए।”
Well played, President Trump. I think your message about ending this war — by having Putin’s customers who prop up his war machine have to recalculate — is working. Through their behavior, India has more than earned this reduction. I’m hoping that the other big nations that… https://t.co/V8Im3PHYlB — Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) February 2, 2026
इस बदलाव के पीछे राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बड़ी डील को अहम वजह माना जा रहा है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
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डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद कर अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने का फैसला किया है। इसके साथ ही भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने और टैरिफ बाधाएं कम करने पर भी सहमत हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राष्ट्रपति ट्रंप को “प्रिय मित्र” बताते हुए इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने लिखा कि ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होना भारत के लिए खुशी की बात है और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया।