डोनाल्ड ट्रंप और जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Italy Bilateral Relations: अमेरिका और इटली के बहुत पुराने तथा मजबूत राजनीतिक संबंधों में अब काफी ज्यादा खटास आ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप इटली द्वारा ईरान युद्ध में सैन्य सहायता न दिए जाने से काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं। मेलोनी ने भी पोप पर ट्रंप के हालिया बयानों को पूरी तरह से अनुचित और अस्वीकार्य बताया है। इस बढ़ते विवाद का मुख्य असर अब अमेरिका-इटली द्विपक्षीय संबंध पर बहुत ही साफ दिखाई दे रहा है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी अगस्त 2025 में व्हाइट हाउस के विशेष दौरे पर पहुंची थीं। अब डोनाल्ड ट्रंप और Meloni के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती खत्म होने की कगार पर है। इन दोनों बड़े नेताओं के बीच टैरिफ और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को लेकर भी दूरियां बहुत बढ़ गई हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक इतालवी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में जॉर्जिया मेलोनी पर बहुत तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से Meloni को साहस की कमी वाला नेता बताया क्योंकि उन्होंने युद्ध में मदद नहीं की। ट्रंप का कहना है कि जो देश इस युद्ध में मदद नहीं करेंगे उनके साथ पुराने जैसे संबंध बिल्कुल नहीं रहेंगे।
Meloni सरकार ने ईरान के खिलाफ चल रहे इस विनाशकारी युद्ध में अमेरिका का हिस्सा बनने से मना किया है। पिछले महीने इटली ने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को अपने सिसिली स्थित एयरबेस पर उतरने की अनुमति भी नहीं दी। इन विमानों को एक बहुत ही अहम मिशन पर भेजा गया था जिसे इटली सरकार ने रोककर अमेरिका को नाराज कर दिया।
ईरान युद्ध के अलावा डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में पोप लियो XIV की भी बहुत कड़ी आलोचना की थी। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप द्वारा पोप पर किए गए इस हमले को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का अनियंत्रित व्यवहार ही उनकी इस स्वाभाविक सहयोगी को उनसे दूर कर रहा है।
इटली में इस भीषण जंग की वजह से घरेलू स्तर पर गैस और ऊर्जा के बिलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस कारण जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों का एक बहुत महत्वपूर्ण दौरा किया है। हालांकि इस दौरे पर इटली की गैस और तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कोई भी औपचारिक समझौता नहीं हो सका।
यह भी पढ़ें: US Iran Talks: इस्लामाबाद वार्ता विफल, आसिम मुनीर अमेरिका का शांति संदेश लेकर ईरान पहुंचे
Meloni के करीबी मंत्रियों का कहना है कि चर्च की शिक्षाओं से इस पश्चिमी गठबंधन पर स्थायी असर नहीं पड़ेगा। हालांकि इटली के अंदर डोनाल्ड ट्रंप की लगातार कम होती लोकप्रियता मेलोनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और इटली अपने रिश्तों को फिर से सुधार पाएंगे।