भारत में तो सिर्फ टेलीग्राम बंद, पर इन देशों में ब्लैकआउट हो जाता है पूरा इंटरनेट; जानें कैसे लगता है यह पहरा
NEET UG 2026 Re Exam से पहले भारत में टेलीग्राम पर रोक लगाई गई है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में परीक्षा के दौरान पूरे देश का इंटरनेट ठप कर दिया जाता है और सेना तैनात रहती है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक फोटो ( सो. AI)
NEET UG 2026 Re Exam Telegram Shutdown: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET UG 2026) को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार ने 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के लिए अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। इस बार परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने न केवल तकनीक का सहारा लिया है, बल्कि जमीन से आसमान तक कड़ा पहरा बैठा दिया है।
भारत में इस बार प्रश्नपत्रों को सुरक्षित केंद्रों तक पहुँचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) के विमानों की मदद ली जा रही है। सुरक्षा की कमान CISF, CRPF और स्थानीय पुलिस के हाथों में सौंपी गई है, जो टू-लेयर सिक्योरिटी में पेपर को ट्रेजरी बैंकों से परीक्षा केंद्रों तक ले जाएंगे।
टेलीग्राम पर ताला
पेपर लीक और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने 22 जून तक के लिए टेलीग्राम सर्विस पर अस्थाई प्रतिबंध लगा दिया है,। बहुत से लोगों को लग सकता है कि एक परीक्षा के लिए इतनी बड़ी ‘मिलिट्री लेवल’ की तैयारी क्या वाकई जरूरी है? लेकिन वैश्विक स्तर पर परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कई देश ‘युद्ध स्तर’ पर उतर आते हैं।
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जेलों में पेपर की होती है छपाई
दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार चीन की ‘गाओकाओ’ (Gaokao) में सुरक्षा के इंतजाम भारत से कहीं अधिक सख्त हैं। इस परीक्षा को वहां ‘स्टेट सीक्रेट’ का दर्जा प्राप्त है। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले प्रोफेसर्स को किसी अज्ञात सैन्य ठिकाने पर तब तक आइसोलेट कर दिया जाता है, जब तक परीक्षा संपन्न न हो जाए।
हैरानी की बात यह है कि इन पेपरों की छपाई हाई-सिक्योरिटी जेलों के भीतर की जाती है ताकि एक पन्ना भी बाहर न जा सके। परीक्षा केंद्रों के बाहर एलीट पुलिस यूनिट ‘SWAT’ तैनात रहती है और आसमान में ड्रोन वायरलेस सिग्नल ट्रैक करते हैं। यहां चीटिंग करने पर 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है।
अल्जीरिया, सीरिया और इराक में थम जाता है इंटरनेट
अगर भारत में सिर्फ टेलीग्राम बंद हुआ है, तो उत्तरी अफ्रीकी देश अल्जीरिया में ‘बैकालॉरिएट’ परीक्षाओं के दौरान पूरे देश का इंटरनेट ही ‘ब्लैकआउट’ कर दिया जाता है। वहां परीक्षा के समय फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसी सभी सेवाएं बंद रहती हैं ताकि ऑनलाइन आंसर-की सर्कुलेट न हो सके।
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इसी तरह सीरिया और इराक में भी डिजिटल लॉकडाउन का सहारा लिया जाता है। सीरिया की सरकारी टेलीकॉम कंपनी बकायदा ‘शटडाउन शेड्यूल’ जारी करती है कि किस विषय की परीक्षा के दौरान कितने घंटे इंटरनेट बंद रहेगा। इराक में भी परीक्षा के दौरान देश की कनेक्टिविटी काट दी जाती है और केंद्रों के बाहर सेना की गाड़ियां गश्त लगाती हैं।
