भारत-बांग्लादेश कूटनीतिक विवाद: दिल्ली एयरपोर्ट पर PM के सलाहकार से पूछताछ पर भड़का ढाका, भारतीय राजनयिक तलब
India Bangladesh Diplomatic Tension: दिल्ली एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी पीएम के सलाहकार जाहिद उर रहमान से पूछताछ के बाद ढाका ने भारतीय उप-उच्चायुक्त को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
भारत और बांग्लादेश का झंडा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
India Bangladesh Diplomatic Tension After Delhi Airport Incident: भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक बार फिर कड़वाहट देखने को मिल रही है। हाल ही में नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के एक वरिष्ठ सलाहकार के साथ हुए व्यवहार को लेकर कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना के विरोध में बांग्लादेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ढाका में तैनात भारत के उप-उच्चायुक्त को तलब किया है।
हवाई अड्डे पर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के रणनीति सलाहकार, जाहिद उर रहमान एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। जैसे ही वे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, भारतीय सुरक्षा और आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। सूत्रों के मुताबिक, जाहिद उर रहमान से हवाई अड्डे पर ही कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई। लंबी प्रक्रिया और सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें हवाई अड्डे से बाहर जाने और अपने निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति दी गई।
ढाका की तीखी प्रतिक्रिया और भारत का मौन
इस घटना की खबर मिलते ही बांग्लादेश सरकार ने इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सोमवार देर रात भारतीय उप-उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया और इस व्यवहार पर औपचारिक रूप से अपनी गहरी नाराजगी और विरोध दर्ज कराया।
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने स्पष्ट किया कि एक वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार कूटनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है। दूसरी तरफ, भारत के विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम और पूछताछ के कारणों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया है।
तनाव के दो प्रमुख कारण
यह कूटनीतिक गतिरोध ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही कई संवेदनशील मुद्दों पर खींचतान चल रही है। यद्यपि तारिक रहमान की चुनावी जीत के बाद संबंधों में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन निम्नलिखित दो मुद्दों ने दूरियां बढ़ा दी हैं:
शेख हसीना की उपस्थिति: साल 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और तख्तापलट के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत में शरण ली थी। तब से वे भारत में ही रह रही हैं। बांग्लादेश की वर्तमान सरकार लगातार भारत पर दबाव बना रही है कि शेख हसीना को उन्हें Hand over किया जाए ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके। भारत द्वारा इस मांग पर कोई ठोस कदम न उठाना ढाका की नाराजगी का बड़ा कारण है।
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सीमा विवाद और ‘पुश-इन’ के आरोप: बांग्लादेश सरकार ने भारतीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि भारतीय अधिकारी बिना किसी वैध दस्तावेज या तय प्रक्रिया के प्रवासियों को जबरन सीमा पार बांग्लादेश की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्लादेशी सुरक्षा बलों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में सीमा पर ऐसी कई कोशिशों को नाकाम किया है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
