जंग का अंत करीब? ट्रंप का बड़ा खुलासा- ‘समझौते के लिए छटपटा रहा ईरान’, इस्लामाबाद में होगी महाबैठक!
Trump Iran Conflict: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ संघर्ष अब समाप्त होने वाला है। तेहरान समझौते के लिए 'बुरी तरह' कोशिश कर रहा है जबकि अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी कर दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, (डिजाइन फोटो)
Trump Iran Conflict Close To Over: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष अब अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही समाप्त हो सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान अब वॉशिंगटन के साथ किसी भी कीमत पर समझौता करने के लिए ‘बुरी तरह’ छटपटा रहा है।
इस्लामाबाद बनेगा कूटनीति का नया केंद्र
इस बीच, कूटनीतिक गलियारों से बड़ी खबर यह आ रही है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव को कम करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की उच्च स्तरीय वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जा सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इस ओर इशारा करते हुए ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ को बताया कि अगले दो दिनों में कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकते हैं इसलिए वे इस्लामाबाद जाने के पक्ष में हैं। गौरतलब है कि इससे पहले हुई वार्ता का पहला दौर असफल रहा था क्योंकि ईरान ने अमेरिकी प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया था।
ईरान की आर्थिक कमर पर प्रहार
बातचीत की मेज पर ईरान की इस बेताबी के पीछे अमेरिका की सख्त सैन्य और आर्थिक रणनीति को माना जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हाल ही में ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, अमेरिकी सेना ने महज 36 घंटों के भीतर ईरान के समुद्री रास्ते से होने वाले सभी आयात और निर्यात को पूरी तरह ठप कर दिया है। चूंकि ईरान की लगभग 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर निर्भर है इसलिए इस नाकाबंदी ने तेहरान की आर्थिक स्थिति को नाजुक बना दिया है।
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परमाणु खतरे और सैन्य दबाव की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में जोर देकर कहा कि यदि उन्होंने समय पर सैन्य कार्रवाई का आदेश नहीं दिया होता तो ईरान अब तक परमाणु हथियार हासिल कर चुका होता। उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने अपने हमले जारी रखे तो ईरान को दोबारा खड़ा होने और अपने देश के पुनर्निर्माण में कम से कम 20 साल लग जाएंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे शांति चाहते हैं और युद्ध समाप्ति के करीब है लेकिन सैन्य अभियान अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
अविश्वास और शांति की धुंधली उम्मीद
शांति प्रयासों के बीच अविश्वास की दीवार अभी भी काफी ऊंची है। ट्रंप के सहयोगी और उपराष्ट्रपति पद के दावेदार जेडी वेंस ने कहा है कि दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद और अविश्वास हैं जिन्हें रातों-रात सुलझाना नामुमकिन है लेकिन वे एक शांति समझौते को लेकर आशान्वित हैं।
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रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की बातचीत में वापसी इस बात पर टिकी है कि अमेरिका समुद्री नाकाबंदी को लेकर क्या रुख अपनाता है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद में होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं जो भविष्य की दिशा तय करेगी।
