फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी तक... होर्मुज नाकेबंदी पर ईरान ने दी US को धमकी, दुनिया में मचा हड़कंप

Iran Warns Gulf Ports: इस्लामाबाद वार्ता फेल होने के बाद US की होर्मुज नाकेबंदी पर ईरान ने चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा कि अगर उनके बंदरगाह असुरक्षित हुए तो पड़ोसी देशों के पोर्ट भी निशाने पर होंगे।
From the Persian Gulf to the Gulf of Oman... Iran threatens US over Strait of Hormuz blockade, sending shockwaves across the globe.
डोनाल्ड ट्रंप और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Warns Gulf Ports Trump Hormuz Crisis: मध्य पूर्व में तनाव कम होने के बजाय अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच धमकियों और जवाबी चेतावनियों का दौर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Strait of Hormuz की नाकेबंदी के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने बेहद सख्त लहजे में पलटवार किया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उसके समुद्री हितों और बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना होगा।

'कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा'

ईरान के खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने तेहरान में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी कदम के व्यापक क्षेत्रीय परिणाम होंगे। प्रवक्ता ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि ईरान के बंदरगाहों को निशाना बनाया गया तो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) या ओमान की खाड़ी में स्थित किसी भी देश का बंदरगाह सुरक्षित नहीं बचेगा। यह बयान सीधे तौर पर उन पड़ोसी देशों के लिए भी एक संकेत है जो अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।

सोमवार से लागू होगी अमेरिकी नाकाबंदी

अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई का पूरा खाका पेश कर दिया है। CENTCOM के अनुसार, यह नाकेबंदी सोमवार सुबह 10 बजे पूर्वी मानक समय (ईरान के समयानुसार शाम 5:30 बजे) से प्रभावी हो जाएगी। यह नाकेबंदी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के उन सभी जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं।

हालांकि, अमेरिका ने यह स्पष्ट किया है कि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते वे ईरान को किसी भी प्रकार का शुल्क न दें।

ट्रंप का 'अवैध टोल' पर कड़ा रुख

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का आधार ईरान द्वारा वसूले जाने वाले 'अवैध टोल' को बताया था। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो जहाज ईरान को भुगतान करेंगे उन्हें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा या सुरक्षित यात्रा का अधिकार नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों (Mines) को हटाने का भी आदेश दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो कोई भी अमेरिकी सेना या शांतिपूर्ण जहाजों पर हमला करेगा, उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

वार्ता की विफलता ने बिगाड़े हालात

यह पूरा संकट पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुई मैराथन वार्ता की विफलता के बाद उपजा है। दो सप्ताह के युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्ष किसी भी ठोस समझौते पर नहीं पहुँच सके। अब अमेरिका द्वारा नाकेबंदी शुरू करने और ईरान द्वारा क्षेत्रीय बंदरगाहों को निशाना बनाने की धमकी ने वैश्विक तेल आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता पर संकट खड़ा कर दिया है।

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