अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Trump Demands Iran Surrender Now: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए उसे तुरंत सरेंडर करने की चेतावनी दी है। एक ताजा इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई शायद अब जीवित नहीं बचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल किसी भी तरह के समझौते या युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि शर्तें पर्याप्त नहीं हैं। ट्रंप ने दुनिया के शक्तिशाली देशों से होर्मुज की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने की अपील भी की है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के पास अब केवल सरेंडर करने का ही विकल्प बचा है। उनका मानना है कि तेहरान समझौते के लिए बेताब है, लेकिन फिलहाल अमेरिका किसी भी कमजोर डील के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि कोई भी भविष्य का समझौता बहुत ठोस होना चाहिए ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा बनी रहे।
ट्रंप ने हाल ही में सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई की सेहत पर गहरा संदेह जताते हुए कहा कि वे दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सुना है कि मुजतबा शायद अब जीवित नहीं हैं और अगर वे हैं, तो उन्हें देश बचाने के लिए सरेंडर करना चाहिए। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया था कि सैन्य हमलों के बाद मुजतबा घायल और संभवतः विकृत हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि उनकी सेना ने ईरान के रणनीतिक तेल केंद्र खार्ग द्वीप पर भारी हमले किए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह द्वीप अब पूरी तरह नष्ट हो चुका है, हालांकि ऊर्जा अवसंरचना को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने पहले ही ईरान की अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों की घरेलू उत्पादन क्षमता को काफी हद तक बर्बाद कर दिया है।
ट्रंप ने ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से होर्मुज में अपने युद्धपोत तैनात करने की अपील की है। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने इन देशों की भागीदारी को अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य ईरान को दोबारा मिडिल-ईस्ट में अपनी धाक जमाने से पूरी तरह रोकना है।
ईरान के विदेश मंत्री ने पहले ही बयान दिया था कि होर्मुज स्ट्रेट केवल अमेरिका और इजरायल के लिए बंद रहेगा। इस बयान के बाद ट्रंप की धमकियों ने क्षेत्र में संघर्ष और युद्ध की संभावनाओं को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उन्हें आगामी चुनाव के परिणामों की चिंता नहीं है और उनका ध्यान केवल सुरक्षा पर है।
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ट्रंप ने कहा कि उनकी वर्तमान रणनीति पूरी तरह से क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान दोबारा कभी भी मध्य पूर्व में अपनी पुरानी धाक न जमा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को लगभग पूरी तरह से खत्म कर दिया है।