बाब अल-मंडेब बंद करने की हूतियों की धमकी, दुनिया भर में बढ़ सकता है तेल और गैस का भारी संकट

Blockade Threat Impacts: यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गहरा संकट मंडरा रहा है और कीमतें बढ़ सकती हैं।
Houthis Threaten to Block Bab al-Mandab Strait Risking Global Oil Crisis and Economic Instability
यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Global Economic Impact Of Blockade: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब को बंद करने की चेतावनी दी है। इस धमकी से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर गंभीर संकट के बादल छा गए हैं। अगर यह समुद्री रास्ता बंद होता है, तो यूरोप और एशिया के बीच होने वाला व्यापार बुरी तरह ठप हो जाएगा।

हूतियों की बड़ी धमकी

यमन के हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने स्पष्ट किया है कि उनके लड़ाके किसी भी पल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें तीन अलग-अलग चरणों में हमला किया जाना है। इसमें पहला कदम समुद्री रास्तों को रोकना है ताकि पश्चिमी देशों की आर्थिक कमर को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।

समुद्री रास्ते की अहमियत

बाब अल-मंडेब को 'आंसुओं का द्वार' कहा जाता है क्योंकि यह लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। यह महज 29 किलोमीटर चौड़ा मार्ग है जहां से गुजरने वाले जहाज एशिया और यूरोप के बीच व्यापार की मुख्य कड़ी होते हैं। स्वेज नहर के रास्ते जाने वाले हर जहाज को अनिवार्य रूप से इसी महत्वपूर्ण संकरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।

तेल और गैस का संकट

इस समुद्री रास्ते से प्रतिदिन लगभग 8.8 मिलियन बैरल कच्चा तेल गुजरता है जो दुनिया की कुल आपूर्ति का 30 प्रतिशत है। रास्ता बंद होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं। इससे न केवल ईंधन महंगा होगा बल्कि पूरी दुनिया में महंगाई का एक नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

शिपिंग में भारी देरी

अगर जहाजों को यह रास्ता छोड़कर अफ्रीका के 'केप ऑफ गुड होप' से जाना पड़ा, तो यात्रा में 10 से 15 दिन लगेंगे। इस अतिरिक्त यात्रा से ईंधन का खर्च बहुत बढ़ जाएगा और माल ढुलाई की लागत में भी भारी इजाफा देखने को मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई रुकने से बाजारों में सामान की भारी कमी हो सकती है।

वैश्विक कंपनियों की चिंता

दिग्गज शिपिंग कंपनी मर्सक ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए लाल सागर से गुजरने वाले अपने सभी जहाजों को रोक दिया है। वहीं दूसरी ओर इजरायल ने सोमालीलैंड को मान्यता देकर वहां अपना एक सैन्य बेस बनाने की बड़ी योजना पर काम शुरू किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हूतियों के पास सस्ते ड्रोन और मिसाइलें हैं, जिनसे निपटना पश्चिमी देशों के लिए काफी महंगा साबित होगा।

इतिहास का बड़ा संकट

ईरान के समर्थित समूह अब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं जो आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े समुद्री संकट का संकेत है। अगर बाब अल-मंडेब और होर्मुज दोनों एक साथ बंद हो गए तो यह वैश्विक व्यापार के लिए एक महाविनाशकारी आपदा होगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हैं क्योंकि एक छोटी सी गलती बड़ी जंग का कारण बन सकती है।

भविष्य की कठिन चुनौतियां

युद्ध अब और भी व्यापक होने वाला है क्योंकि लेबनान और गाजा के मोर्चे पर इजरायल पहले से ही उलझा हुआ है। हूतियों की यह धमकी केवल एक चेतावनी नहीं बल्कि वैश्विक समुद्री सुरक्षा के लिए एक सीधी चुनौती मानी जा रही है। आने वाले दिनों में अगर तनाव कम नहीं हुआ तो तेल और गैस का संकट यूरोप के घरों तक पहुंच जाएगा।

बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता

विशेषज्ञ मारियो नवल का कहना है कि अगर हूती पूर्ण सैन्य गठबंधन करते हैं तो तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अब कई देशों ने अपने युद्धपोतों को इस क्षेत्र में तैनात करने का फैसला भी कर लिया है। यह संकट न केवल परिवहन को बाधित करेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करेगा।

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