ईरान की बर्बादी शुरू? ट्रंप का बड़ा दावा- घुटनों पर आया तेहरान, होर्मुज खोलने की लगा रहा गुहार
Trump Claims Iran Collapse: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान पूरी तरह ढहने की कगार पर है और उसने होर्मुज से नाकेबंदी हटाने की अपील की है, हालांकि परमाणु मुद्दे पर गतिरोध अब भी बरकरार है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Claims Iran Collapse Hormuz Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ईरान ‘पूरी तरह से ढहने की कगार’ पर है। ट्रंप के अनुसार, आर्थिक और सैन्य दबाव के बीच घिरे ईरान ने अब अमेरिका से Strait of Hormuz से नाकेबंदी हटाने और जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने की गुहार लगाई है।
होर्मुज को जल्द से जल्द खोलना चाहते हैं
हमेशा की तरह डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बात रखने के लिए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ का सहारा लिया। उन्होंने लिखा कि ईरान ने संदेश भेजा है कि वे अपनी आंतरिक ‘नेतृत्व से जुड़ी उलझन’ को सुलझाने के लिए होर्मुज को जल्द से जल्द खोलना चाहते हैं। ट्रंप का यह दावा ऐसे समय में आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबरें हैं, जिससे देश के भीतर सत्ता संघर्ष और अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है।
रिपोर्ट में बड़ा दावा
इस बीच, अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कुछ ईरानी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि तेहरान होर्मुज जलमार्ग को खोलने के लिए एक समझौते को तैयार है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बदले में ईरान चाहता है कि जारी युद्ध पर स्थायी रूप से विराम लगे और अमेरिका अपनी आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह खत्म करे।
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हालांकि, इस संभावित सौदे में सबसे बड़ा पेंच यूरेनियम संवर्धन को लेकर फंसा है क्योंकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है।
तीन दिन की डेडलाइन
ट्रंप का यह ताजा हमला उनकी उस चेतावनी के ठीक दो दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान को तीन दिन की ‘डेडलाइन’ दी थी। ट्रंप ने दावा किया था कि अगर तीन दिनों के भीतर ईरान ने होर्मुज जलमार्ग से अपना नियंत्रण नहीं हटाया, तो तकनीकी कारणों से ईरान की तेल से भरी पाइपलाइनें अगले 72 घंटों में खुद-ब-खुद फट जाएंगी। माना जा रहा है कि इसी भारी दबाव के कारण ईरान वार्ता की मेज पर आने को मजबूर हुआ है।
‘दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे’
ट्रंप के इन दावों के विपरीत, ईरान ने आधिकारिक तौर पर कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने सरकारी टीवी पर बयान देते हुए कहा कि अमेरिका इस स्थिति में नहीं है कि वह दूसरे देशों को हुक्म दे सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ट्रंप के किसी भी दबाव को सहन नहीं करेगा।
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फिलहाल स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या होर्मुज का ताला कूटनीति से खुलेगा या यह संघर्ष किसी बड़ी तबाही की ओर बढ़ेगा।
