

Rajnath Singh Germany Visit Submarine Technology: भारत और जर्मनी के बीच रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के कील (Kiel) शहर में स्थित टीकेएमएस (TKMS) पनडुब्बी निर्माण संयंत्र का दौरा किया। अपने आधिकारिक दौरे के दौरान उन्होंने आधुनिक नौसैनिक तकनीकों और पनडुब्बियों की परिचालन क्षमताओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस महत्वपूर्ण दौरे में उनके साथ जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरे को 'अत्यंत जानकारीपूर्ण' बताया और संयंत्र की प्रभावशाली इंजीनियरिंग, डिजाइन और परिचालन क्षमता की सराहना की। उन्होंने सबमरीन यार्ड का निरीक्षण किया और जर्मन अधिकारियों के साथ पनडुब्बी निर्माण, इंजीनियरिंग और उनकी तैनाती से जुड़ी बारीकियों पर गहन चर्चा की। राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक पनडुब्बी निर्माण और समुद्री क्षेत्र में हो रहे विकास को समझना आज की वैश्विक सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पनडुब्बी प्लांट के दौरे से पहले, राजनाथ सिंह ने बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने, तकनीक साझा करने और साथ मिलकर रक्षा उत्पादन (Co-development) विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को अपनी रणनीतिक साझेदारी का एक अहम हिस्सा बनाने पर सहमति जताई है।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपनी समुद्री ताकत और पनडुब्बी बेड़े को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने पर विशेष ध्यान दे रहा है। जर्मनी के साथ यह सहयोग न केवल भारतीय नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि हिंद महासागर और अन्य क्षेत्रों में बदलती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भी सहायक सिद्ध होगा।
बता दें कि जर्मनी के 3 दिवसीय यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने हाल ही में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान में चल रहे संघर्ष में भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कि पाकिस्तान इस मामले में पूरी तरह से फेल हो चुका है लेकिन भारत आने वाले समय में इसमें सफलता हासिल कर सकता है। इतना ही नहीं सिंह ने Strait of Hormuz को लेकर कहा कि इस रास्ते पर होने वाली कोई भी रूकावट सीधे भारत को प्रभावित करती है।