मार्क कार्नी और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran War Impact Trump Canada Invasion Cancels: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो अपने विस्तारवादी बयानों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति के लिए जाने जाते हैं अब उनके रुख में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका के बैकफुट पर आने और बढ़ती सैन्य चुनौतियों के बीच ट्रंप ने घोषणा की है कि वह कनाडा पर हमला नहीं करेंगे। यह बयान उन अटकलों पर विराम लगाता है जिनमें ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका के 51वें राज्य के रूप में शामिल करने की बात कही थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ चल रहे युद्ध में अमेरिका को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है जिससे ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं में बदलाव आया है। बायोग्राफर रॉबर्ट हार्डमैन के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्वीकार किया कि कनाडा का 200 साल पुराना इतिहास और उसकी राष्ट्रीय पहचान इतनी मजबूत है कि इसे कुछ ही वर्षों में बदलना संभव नहीं है।
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी पूर्व की योजनाएं अब उन्हें व्यावहारिक नहीं लगतीं। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यह भी दिलचस्पी दिखाई कि क्या कनाडाई लोग अब भी ब्रिटिश राजशाही को अपना प्रमुख मानते हैं।
पिछले एक साल में TRUMP ने कई बार कनाडा के प्रति आक्रामक रवैया अपनाया था। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि अमेरिका का हिस्सा बनने पर कनाडाई नागरिकों को कम टैक्स देना होगा और उनकी सुरक्षा बेहतर होगी। सोशल मीडिया पर एक AI-जनरेटेड तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें कनाडा को अमेरिकी झंडे के रंग में दिखाया गया था जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया था।
ट्रंप के इन आक्रामक बयानों के बाद ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III ने कनाडा का दौरा किया था जहां उन्होंने कनाडा को एक ‘मजबूत और स्वतंत्र देश’ करार दिया था। इस दौरे का ट्रंप पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और उनके लहजे में नरमी आई है। ट्रंप ने किंग चार्ल्स की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक ‘बेहतरीन इंसान’ बताया और उनके स्वास्थ्य के प्रति सहानुभूति व्यक्त की।
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ईरान युद्ध में सहयोग को लेकर अमेरिका-ब्रिटेन के रिश्तों में आई कड़वाहट के बीच किंग चार्ल्स इस महीने के अंत में अमेरिका का दौरा करेंगे। वे व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलेंगे और अमेरिकी संसद को भी संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि यह दौरा न केवल अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों को पटरी पर लाएगा बल्कि उत्तरी अमेरिका की भू-राजनीति में भी स्थिरता प्रदान करेगा। फिलहाल, ईरान युद्ध की विफलता ने ट्रंप को अपने पड़ोसियों के प्रति अधिक यथार्थवादी होने पर मजबूर कर दिया है।