अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में मिलिट्री कैंप पर आतंकी हमला, 50 सैनिकों की मौत

Burkina Faso Attack: इस हमले में लगभग 100 आतंकवादी शामिल हुए थे, जिन्होंने सैन्य अड्डे में लूटपाट और आगजनी भी की। हालांकि, अधिकारिक रूप से इस घटना को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। 
Burkina Faso Militant Attack
सैन्य जवान, (फाइल फोटो)
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Burkina Faso Militant Attack: पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्कीना फासो में आतंकियों द्वारा सैन्य अड्डे पर किए गए हमले में 50 से अधिक सैनिकों की मारे जाने की खबर है। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने स्थानीय समुदाय के प्रमुख और वहां रह रहे लोगों के हवाले से बताया कि उत्तरी बुर्किना फ़ासो में मिलिट्री कैंप पर हथियारबंद आतंकवादियों ने अचानक से हमला कर दिया।

बता दें कि इस घटना में जिहादी समूह जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल मुस्लिमीन (जेएनआईएम, जो रूस में प्रतिबंधित आतंकवादी समूह अल-कायदा से जुड़ा है) का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के अनुसार बताया कि इस हमले में लगभग 100 आतंकवादी शामिल हुए थे, जिन्होंने सैन्य अड्डे में लूटपाट और आगजनी भी की। हालांकि, अधिकारिक रूप से इस घटना को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

देश में राजनीतिक बदलावों को जन्म

पश्चिम अफ्रीका में हमले करने वाले कई सशस्त्र समूहों में से एक जेएनआईएम को सैकड़ों नागरिकों और सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। बुर्किना फासो में उन सशस्त्र समूहों द्वारा हमलों में तेजी देखी जा रही है, जिनका देश के अधिकांश हिस्सों पर खासकर राजधानी के बाहर नियंत्रण है। बिगड़ती सुरक्षा स्थिति ने देश में राजनीतिक बदलावों को जन्म दिया है और लगातार तख्तापलट का बहाना बन गया है। सैन्य नेता इब्राहिम त्राओरे, राजनीतिक और सैन्य सहयोगियों के पुनर्गठन के बावजूद इस्लामी समूहों पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं।

आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार

सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई कि आतंकियों ने बेस पर आकर तबाही मचा दी। इस दौरान उन्होंने मिलिट्री कैंप का सामान लूट लिया। करीब 100 की संख्या में आए आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार थे। इस हमले में करीब 50 सैनिकों की मौत हुई है। हमले की जानकारी मीडिया को एक लीडर की तरफ से दी गई। हालांकि, मिलिट्री की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। इस हमले में अल-नस्ल वाल-मुस्लिमीन (JNIM) नाम के आतंकी संगठन का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है।

इससे पहले भी हो चुका है हमला

इसके पहले भी बुर्किना में इस तरह के हमले देखे जा चुके हैं। ये हमले ऐसी जगह पर किए जा रहे हैं, जो बाहरी क्षेत्रों में बने हैं। जिस तरह की इस देश में स्थिति दिख रही है उससे सरकार का तख्तापलट होने की भी खबरें सामने आ रही हैं। पिछले साल बुर्किना फासो के बरसालोघो शहर में इसी तरह के हुए आतंकी हमले में लगभग 600 लोगों की मौत हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी अलकायदा ने ली थी।

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