US की सख्ती, ईरान का तनाव… फिर भी होर्मुज पार कर गया भारत से जुड़ा तारा टैंकर, जानें कैसे तोड़ा चक्रव्यूह
Tara Gas LPG Tanker: होर्मुज में जारी भीषण तनाव के बीच भारतीय चालक दल वाला विशाल LPG टैंकर तारा गैस सुरक्षित रूप से ईरान के द्वारा बताए गए रास्ते से निकला है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
Tara Gas LPG Tanker Crossed Hormuz: मीडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य तनाव के बीच वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक राहत भरी खबर आई है। भारत से जुड़ा एक विशाल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) टैंकर, तारा गैस दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहा है। पनामा का झंडा लगाए यह जहाज ईरान द्वारा बताए गए रास्ते से ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ता हुआ देखा गया।
जहाज पर भारतीय चालक दल
तारा गैस एक ‘वेरी लार्ज गैस कैरियर’ (VLGC) श्रेणी का जहाज है जिसका डेडवेट 53,208 मीट्रिक टन है। इस जहाज की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका पूरा चालक दल भारतीय है और इसका मालिकाना हक भी भारत से जुड़ा बताया गया है। समुद्री ट्रैकिंग डेटा शिप एटलस के अनुसार, जहाज को ईरान के लारक द्वीप के पास से गुजरते हुए ट्रैक किया गया है। यह जहाज उसी वर्ग का है जिसमें शिवालिक जैसे प्रसिद्ध भारतीय टैंकर शामिल हैं जो भारतीय बंदरगाहों पर निरंतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करते रहे हैं।
ब्लैकलिस्ट होने का खतरा
इस जहाज की आवाजाही अंतरराष्ट्रीय खुफिया और समुद्री एजेंसियों के लिए गहन चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका मुख्य कारण ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया है कि तारा गैस का पुराना रिकॉर्ड ईरानी तेल और गैस के परिवहन से जुड़ा रहा है। इस इतिहास के कारण, जहाज को अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में आने का निरंतर खतरा बना रहता है।
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इसके बावजूद, जहाज ने संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह एंकरेज से अपनी यात्रा शुरू की और सुरक्षा के लिए ईरान द्वारा बताए गए समुद्री मार्ग को चुना। इक्वासिस डेटाबेस के अनुसार, जहाज का मालिकाना हक संयुक्त अरब अमीरात स्थित ग्लोबल गैस इंक के पास है जबकि इसका तकनीकी प्रबंधन ‘मैट्रिक्स मैरीटाइम सॉल्यूशंस’ द्वारा किया जा रहा है।
होर्मुज में युद्ध जैसा माहौल
पिछले कुछ हफ्तों से होर्मुज एक समुद्री रणक्षेत्र में तब्दील हो गया है। 18 अप्रैल को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की गनबोट्स द्वारा जग अर्णव और सैनमार हेराल्ड जैसे जहाजों पर की गई गोलीबारी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी थीं।
इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को केवल मिसाइल हमलों का ही खतरा नहीं है बल्कि उन्हें जीपीएस जैमिंग, इलेक्ट्रॉनिक स्पूफिंग और संचार प्रणालियों में बाधा जैसी गंभीर चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि कई जहाजों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एआईएस ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं।
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भारत के लिए राहत की खबर
भारत अपनी जरूरत की एलपीजी और कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है इसलिए यहां होने वाली कोई भी हलचल देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालती है। वर्तमान संकट को देखते हुए भारत, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों ने तेहरान के साथ सीधे कूटनीतिक चैनल खोले हैं ताकि उनके मालवाहक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। हाल ही में 2 मई को ‘MT सर्व शक्ति’ की सफल वापसी के बाद तारा गैस का होर्मुज पार करना भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर एक बड़ी राहत लेकर आया है।
