दुनिया में फिर लौट रहा है WFH का दौर, श्रीलंका-पाकिस्तान के बाद क्या भारत में भी लगेंगी ये पाबंदियां?
Iran War Energy Crisis: दुनियाभर में बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पीएम मोदी ने ईंधन बचाने के लिए WFH और कारपूलिंग अपनाने की अपील की है। आइए जानते हैं अब तक कितने देश ने इसको लागू किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
WFH, सांकेतिक AI जेनरेटेड फोटो
Iran War Energy Crisis WFH News: क्या भारत में एक बार फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) का दौर लौटने वाला है? अमेरिका-ईरान तनाव में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजारों में मची उथल-पुथल ने इस संभावना को जन्म दे दिया है। इसी संकट और आर्थिक दबाव को कम करने के लिए रविवार को पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों को सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, वहां फिर से ‘वर्क फ्रॉम होम’ अपनाया जाए ताकि पेट्रोल-डीजल की खपत कम की जा सके।
महामारी की आदतों को फिर से अपनाने की जरूरत
पीएम मोदी ने कहा है कि जैसे हमने कोरोना के समय घर से कामऔर ऑनलाइन मीटिंग्स को अपनाया था। वैसे ही अब दुनिया के हालात और तेल संकट को देखते हुए हमें फिर से इन आदतों को अपनाना चाहिए। उन्होंने देशहित में नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए वर्क फ्रॉम होम, सार्वजनिक वाहनों जैसे बस-मेट्रो या कारपूलिंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें ताकि अनावश्यक खर्च कम हो सके।
क्यों गहरा रहा है ऊर्जा संकट?
दरअसल, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों को अस्थिर कर दिया है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जहां से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है, वहां आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आयात करता है, ऐसे में तेल की ऊंची कीमतें देश के विदेशी मुद्रा भंडार और महंगाई पर भारी दबाव डाल सकती हैं।
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दुनिया के किन देशों में लागू हुए WFH
दुनिया में भारत अकेला ऐसा देश नहीं है जो इस दिशा में सोच रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की चेतावनी के बाद कई एशियाई देशों ने ईंधन बचाने के लिए कोविड-स्टाइल रिमोट वर्किंग मॉडल को वापस अपना लिया है जिसमें:
फिलीपींस: यहां ऊर्जा आपातकाल घोषित किया गया है और सरकारी कार्यालयों को सप्ताह में केवल चार दिन खोलने का निर्णय लिया गया है ताकि बिजली और ईंधन की खपत कम हो सके।
पाकिस्तान: पेट्रोल-डीजल के आयात पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए पाकिस्तान ने सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ और दफ्तरों में कम उपस्थिति जैसे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
श्रीलंका: वहीं, आर्थिक संकट और ईंधन की कमी से जूझ रहे श्रीलंका ने सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ईंधन के उपयोग को कम करने के लिए चार दिन का कार्य सप्ताह पेश किया है।
इंडोनेशिया और वियतनाम: इन देशों ने भी पेट्रोल-डीजल की मांग को कम करने के लिए सरकारी और निजी कंपनियों को ऑनलाइन मीटिंग और घर से काम करने के लिए बढ़ावा दिया है ताकि ईंधन की मांग को नियंत्रित किया जा सके।
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आर्थिक अनुशासन पर भी जोर
प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील का मकसद केवल ईंधन बचाना नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक अनुशासन भी है। उन्होंने भारतीयों से सोने की खरीदारी को फिलहाल टालने, विदेशी यात्राओं में कटौती करने और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है, तो वर्क फ्रॉम होम केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन सकता है।
