-
सोम, 22 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- World »
- Switzerland Bans Arms Exports To Us Amid Iran War Neutrality Policy
अमेरिका को भारी नुकसान! स्विट्जरलैंड ने बंद किए हथियारों के दरवाजे, 119 मिलियन डॉलर के निर्यात पर मंडराया खतरा
- Written By: अमन उपाध्याय
Switzerland US Arms Export Ban: ईरान युद्ध के चलते स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को गोला-बारूद देने से मना कर दिया है। इसके साथ ही अपने हवाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उड़ानों पर भी सख्ती बढ़ा दी है।

स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियारों का निर्यात रोक दिया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Why Switzerland Banned Arms Exports To US: मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका को यूरोप से एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक झटका लगा है। अपनी निष्पक्षता के लिए प्रसिद्ध देश स्विट्जरलैंड ने अमेरिका को हथियार और गोला-बारूद के नए निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। स्विस सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी ऐसे राष्ट्र को सैन्य सामग्री की आपूर्ति नहीं कर सकता जो वर्तमान में किसी अंतरराष्ट्रीय युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हो।
तटस्थता नीति का हवाला
स्विट्जरलैंड की सरकार ने इस फैसले के पीछे अपनी सदियों पुरानी ‘तटस्थता की नीति’ को मुख्य आधार बताया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने के बाद से अमेरिका के लिए कोई भी नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। स्विट्जरलैंड के कड़े नियमों के तहत, युद्धरत देशों को हथियार बेचना प्रतिबंधित है। इसके साथ ही, स्विट्जरलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर भी सख्ती बढ़ा दी है। अब केवल उन्हीं अमेरिकी सैन्य उड़ानों को अनुमति दी जा रही है जिनका ईरान युद्ध से कोई संबंध नहीं है।
स्विस हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार
यह प्रतिबंध अमेरिकी रक्षा जरूरतों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है क्योंकि पिछले साल ही अमेरिका, स्विट्जरलैंड से हथियार खरीदने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा था। स्विट्जरलैंड के कुल हथियार निर्यात का लगभग 10% हिस्सा (करीब 119 मिलियन डॉलर) अकेले अमेरिका को गया था जिसमें छोटे हथियार, गोला-बारूद और हवाई वाहन शामिल थे। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन पुराने लाइसेंसों का युद्ध से सीधा संबंध नहीं है, वे जारी रहेंगे, लेकिन एक विशेष टीम समय-समय पर इनकी समीक्षा करेगी।
सम्बंधित ख़बरें
शांति वार्ता के बीच नया तनाव, ईरान ने अमेरिकी बातचीत को क्यों दिया ‘मिनाब 168’ नाम? इससे जुड़ा है कनेक्शन
कोलंबिया में क्यों जले अमेरिकी झंडे? राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों के बाद भारी बवाल, जानें क्या है ट्रंप कनेक्शन
‘न वो मेरी हर बात मानते हैं, न मैं उनकी…’, ट्रंप से रिश्तों पर नेतन्याहू का बड़ा बयान; फिर बढ़ी टेंशन
ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर आज दे सकते हैं इस्तीफा, एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ!
स्विस डिफेंस इंडस्ट्री पर बढ़ेगा दबाव
स्विट्जरलैंड का यह फैसला उसकी अपनी डिफेंस इंडस्ट्री के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है। इससे पहले यूक्रेन युद्ध के समय भी स्विट्जरलैंड ने अपने सहयोगियों को स्विस-निर्मित हथियार भेजने से रोक दिया था जिससे कई कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था।
स्थिति को संभालने के लिए कानून में ढील देने का एक प्रस्ताव लाया गया था ताकि अमेरिका सहित 25 पश्चिमी देशों को युद्ध के समय भी हथियार दिए जा सकें लेकिन यह कानून अभी लागू नहीं हुआ है और इस पर अप्रैल में जनमत संग्रह होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें:- हमारे दुश्मनों की मदद… ईरान ने ब्रिटेन को दी धमकी, लंदन के सैन्य ठिकानों पर मंडराया खतरा
ईरान युद्ध का वैश्विक प्रभाव
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी इस जंग का असर केवल हथियारों की सप्लाई तक सीमित नहीं है। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया है, जिससे भारत सहित दुनिया भर में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें महंगी हो गई हैं और वैश्विक बाजारों पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। ईरान द्वारा ऊर्जा ठिकानों और रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहरा गई है।
Switzerland bans arms exports to us amid iran war neutrality policy
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
गड़चिरोली के नप उपचुनाव में भाजपा को लगा करारा झटका! कुरखेड़ा में कांग्रेस तो अहेरी में राकां ने लहराया परचम
Jun 22, 2026 | 10:05 AMसंजय राऊत का अमित शाह पर बड़ा हमला, बोले- पीएम बनने की महत्वाकांक्षा में क्षेत्रीय दलों को तोड़ा जा रहा
Jun 22, 2026 | 10:04 AMShare Market Today: शेयर बाजार में लौटी रौनक, रिलायंस के बंपर उछाल के साथ बाजार ने की अच्छी शुरुआत
Jun 22, 2026 | 10:01 AMFIFA World Cup: बेल्जियम और ईरान का मुकाबला बिना किसी गोल के समाप्त, दोनों टीमों को अब भी पहली जीत का इंतजार
Jun 22, 2026 | 09:58 AMMP में राजस्व विभाग पर उठे सवाल, कार्यप्रणाली को लेकर सांसद आलोक शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखा पत्र
Jun 22, 2026 | 09:55 AMचाकू दिखाकर लूटा था 3 तोले का मंगलसूत्र, संभाजीनगर पुलिस कमिश्नर ने दी शातिर लुटेरों पर मकोका की मंजूरी
Jun 22, 2026 | 09:54 AMशांति वार्ता के बीच नया तनाव, ईरान ने अमेरिकी बातचीत को क्यों दिया ‘मिनाब 168’ नाम? इससे जुड़ा है कनेक्शन
Jun 22, 2026 | 09:53 AMवीडियो गैलरी

PM Modi 45 मिनट तक दिल्ली एयरपोर्ट पर क्यों रुके? वजह जानकर चौंक जाएंगे- VIDEO
Jun 21, 2026 | 11:12 PM
वाराणसी की मस्जिद पर पाकिस्तान ने उगला जहर, भारत के जवाब से बोलती बंद; देखें VIDEO
Jun 21, 2026 | 09:08 PM
तमिलनाडु की फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक से 7 की मौत, 40 से अधिक घायल अस्पताल में भर्ती; देखें VIDEO
Jun 21, 2026 | 08:57 PM
वाराणसी में उद्घाटन से चंद घंटे पहले रेस्टोरेंट पर चला सरकारी बुलडोजर, वजह जानकर उड़ जाएंगे होश; देखें VIDEO
Jun 21, 2026 | 08:46 PM
वायरल VIDEO के बाद फिर नया बवाल, भड़कीं इटली की PM मेलोनी! ट्रंप को अब क्या बोल दिया?
Jun 21, 2026 | 07:23 PM
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगमय हुआ देश, पीएम मोदी-शाह-एस जयशंकर समेत दिग्गज नेताओं ने किया योग- VIDEO
Jun 21, 2026 | 02:40 PM













