एक दिन की राहत के बाद होर्मुज में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिकी अपाचे एच-64 हेलीकॉप्टरों ने शुरू की गश्त
Strait Of Hormuz में US और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी और ईरान द्वारा जलडमरूमध्य पर फिर से सैन्य नियंत्रण लागू करने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक एआई फोटो
Strait Of Hormuz Iran US Military Tension: दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। शनिवार को ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर फिर से सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया गया है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर अपनी समुद्री नाकेबंदी को और कड़ा करने का दावा किया है। इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका की आक्रामक रणनीति
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, वाशिंगटन ईरान के खिलाफ अपनी समुद्री नाकेबंदी को लगातार जारी रखेगा। इस अभियान के तहत अब तक अमेरिकी निर्देशों का पालन करने वाले 23 व्यापारिक जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है। क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएसएस कैनबरा’ (USS Canberra) अरब सागर में निरंतर गश्त कर रहा है। इसके अतिरिक्त, सेंटकॉम ने 17 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एच-64 अपाचे हेलीकॉप्टरों से हवाई निगरानी भी शुरू कर दी है जिसका उद्देश्य नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना बताया गया है।
ईरान का पलटवार
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने अमेरिका के इन कदमों को मौजूदा सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन करार दिया है। ईरान का तर्क है कि अमेरिका के अड़ियल रुख के कारण उसने होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही पर फिर से सख्ती बढ़ा दी है। गौरतलब है कि शुक्रवार को इस समुद्री रास्ते को सबके लिए खोलने की घोषणा की गई थी लेकिन शनिवार को इसे फिर से बंद कर दिया गया। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता तब तक वह होर्मुज से जहाजों को गुजरने से रोकता रहेगा और यह पूरा रास्ता सेना के नियंत्रण में रहेगा।
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बयानबाजी का दौर
इस संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका की नाकेबंदी पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी और यह तब तक खत्म नहीं होगी जब तक ईरान एक नए समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता। दूसरी तरफ, ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने तुर्की में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए उन पर निशाना साधा। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ट्रंप के दावों को झूठा बताते हुए अमेरिका पर सीजफायर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
होर्मुज की खाड़ी से होने वाली आपूर्ति में बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है। चूंकि दुनिया का एक बड़ा तेल और गैस निर्यात इसी मार्ग से होता है, इसलिए अमेरिका और ईरान के बीच की यह सैन्य खींचतान अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल ला सकती है। जब तक दोनों देश किसी कूटनीतिक समाधान पर नहीं पहुंचते, तब तक इस जलमार्ग पर अनिश्चितता बनी रहेगी।
