हाई अलर्ट पर अमेरिकी सेना, जनरल डैन केन बोले- एक पल के नोटिस पर शुरू कर सकते हैं बड़ा युद्ध

Us Iran Maritime Standoff: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को मिसाइलों से उड़ाने और सैनिकों को बंधक बनाने की चेतावनी दी है।
Prospects of War in the Gulf Intensify! US Encircles Iran at Sea; Issues Threat Amidst Tight Blockade of Ports
पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Us Iran Maritime Standoff Blockade Threats: पश्चिम एशिया में तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत सख्त सैन्य रुख अपनाते हुए उसके बंदरगाहों और तटरेखा की पूर्ण नाकेबंदी कर दी है। इस सैन्य कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंकाओं को और अधिक गहरा कर दिया है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी समय बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

युद्ध के लिए तैयार अमेरिका

द जॉइंट स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने एक प्रेस ब्रीफिंग में घोषणा की कि अमेरिकी संयुक्त सेना युद्धक अभियानों को फिर से शुरू करने के लिए 'मोमेंट नोटिस' पर तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नाकाबंदी उन सभी जहाजों पर लागू होगी जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं, चाहे वे किसी भी देश के क्यों न हों। जनरल केन ने स्थिति की संवेदनशीलता को समझाते हुए इसकी तुलना एक भीड़भाड़ वाली सुपरमार्केट पार्किंग में सावधानी से स्पोर्ट्स कार चलाने से की जो दर्शाता है कि अमेरिकी नाविक अत्यंत कठिन और व्यस्त समुद्री रास्तों में रणनीतिक रूप से तैनात हैं।

होर्मुज नहीं, तटरेखा की नाकेबंदी

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विशेष रूप से ईरान के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उसके बंदरगाहों और तटरेखा की नाकेबंदी है, न कि पूरे होर्मुज जलडमरूमध्य की। इस बीच, यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कपूर ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर विशेष रूप से प्रशिक्षित हवाई रक्षा सैनिकों की तैनाती भी कर दी है। वर्तमान में अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में गश्त कर रहे हैं जो क्षेत्र में ईरान की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

मिसाइलों से डूबेंगे अमेरिकी जहाज

अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरान ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी जहाज ईरान की पहली मिसाइल हमले की चपेट में आकर नष्ट हो जाएंगे। रेजाई ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए 'पुलिस' बनना चाहते हैं, जिसे ईरान स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने युद्धविराम को आगे बढ़ाने का भी विरोध किया है।

एक सैनिक के बदले मांगे 1 अरब डॉलर

ईरान ने न केवल समुद्री हमले की बल्कि जमीनी संघर्ष की स्थिति में भी अमेरिका को डराने की कोशिश की है। मोहसेन रेजाई ने कहा कि यदि अमेरिका ईरान पर जमीनी आक्रमण करता है तो ईरानी सेना हजारों अमेरिकी सैनिकों को बंधक बना लेगी। उन्होंने बेहद विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि प्रत्येक अमेरिकी बंधक के बदले ईरान 1 अरब डॉलर की फिरौती की मांग करेगा।

यह बयान दर्शाता है कि ईरान इस संघर्ष को एक मनोवैज्ञानिक और आर्थिक युद्ध के रूप में भी देख रहा है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच बढ़ते इस वाकयुद्ध ने वैश्विक शांति के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है।

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