गायब हो रहे बलूच छात्र: क्वेटा से ग्वादर तक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का खौफ, युवाओं की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

Balochistan Human Rights: बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता जारी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 5 बलूचों की हत्या और कई युवाओं के अपहरण ने मानवाधिकारों के हनन पर नई बहस छेड़ दी है।
Disappearing Baloch Students: The Terror of Pakistani Security Forces from Quetta to Gwadar—A Looming Threat to the Safety of Youth
पाकिस्तानी सेना, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Balochistan Human Rights Pakistan Army: बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना द्वारा स्थानीय बलूच समुदाय पर किए जा रहे अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक प्रमुख सामाजिक और मानवाधिकार संगठन ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि हाल के दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पांच बलूच नागरिकों की बिना किसी कानूनी कार्रवाई या मुकदमे के बेरहमी से हत्या कर दी है। इसके साथ ही, चार अन्य व्यक्तियों के लापता होने की खबर है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

हातिम बलूच की निर्मम हत्या और आक्रोश

बलूचिस्तान के पंजगुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 17 वर्षीय छात्र हातिम बलूच का गोलियों से छलनी और क्षत-विक्षत शव 16 अप्रैल को बरामद हुआ। मानवाधिकार संस्था 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) के अनुसार, हातिम को लगभग 11 दिन पहले पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने पंजगुर के परूम इलाके से कथित तौर पर अगवा किया था। इस हत्या ने पूरे इलाके में आक्रोश और भारी भय का माहौल पैदा कर दिया है।

बीवाईसी की तीखी प्रतिक्रिया

इस बर्बरता की कड़ी निंदा करते हुए बीवाईसी (BYC) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। संगठन का कहना है कि वर्तमान सरकार बलूचों के खून की प्यासी हो गई है और पूरे प्रांत को खून से नहला दिया गया है। बयान में आगे कहा गया है कि सरकार बिना किसी डर या रोक-टोक के बलूचों का दमन कर रही है। जो लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत दिखाते हैं उन्हें चुप कराने के लिए जेलों और काल कोठरियों में डालकर खामोश कर दिया जाता है।

फर्जी एनकाउंटर और व्यवस्थित नरसंहार का खेल

मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि बलूचों की हत्या अब एक बेरहम और व्यवस्थित नरसंहार (Systematic Genocide) का रूप ले चुकी है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने एक फर्जी एनकाउंटर में चार बलूच नागरिकों को मार डाला और उनके शवों को अत्यंत दयनीय स्थिति में पंजगुर अस्पताल पहुंचाया। सेना ने इसे 'जवाबी कार्रवाई' करार दिया, लेकिन आंकड़ों के मुताबिक, अकेले पंजगुर जिले में पिछले तीन महीनों में लगभग 40 बलूच युवाओं की हत्या कर उनके शव फेंक दिए गए हैं।ट

जबरन गायब किए जा रहे युवा और छात्र

पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों द्वारा युवाओं को जबरन गायब (Forced Disappearances) करने की घटनाएं एक खतरनाक श्रृंखला बन गई हैं। हाल ही में एफसी के जवानों ने दाद मोहम्मद के घर पर छापा मारा और उनके बेटे अब्दुल वाहिद दाद व अशफाक आदम को हिरासत में लेकर लापता कर दिया। इसी तरह, 12 अप्रैल को क्वेटा से 19 वर्षीय छात्र मेहराज को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने अगवा कर लिया। मेहराज के लापता होने के बाद से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।

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