श्रीलंका में ‘कोयला घोटाले’ की आंच: ऊर्जा मंत्री कुमार जयकोडी का इस्तीफा, NPP सरकार को लगा पहला बड़ा झटका
Sri Lanka Energy Minister कुमार जयकोडी ने कोयला आयात में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने इस मामले की जांच के लिए विशेष आयोग का गठन किया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कुमार जयकोडी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Sri Lanka Energy Minister Kumar Jayakody Resigns: भ्रष्टाचार मुक्त शासन के वादे के साथ सत्ता में आई श्रीलंका की नेशनल पीपुल्स पावर (NPP) सरकार को अपना पहला बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। देश के बिजली और ऊर्जा मंत्री कुमार जयकोडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ मंत्रालय के सचिव उदयनगा हेमापाला ने भी पद छोड़ दिया है। यह घटनाक्रम कोयला आयात में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सामने आया है।
निष्पक्ष जांच के लिए छोड़ा पद
राष्ट्रपति मीडिया डिवीजन (PMD) के अनुसार, मंत्री जयकोडी ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि कोयला आयात से जुड़े मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। यह इस्तीफा उस समय आया जब राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने एक ‘विशेष राष्ट्रपति जांच आयोग’ के गठन की घोषणा की। यह आयोग ‘लंका कोल लिमिटेड’ द्वारा पिछले कई दशकों से लेकर 16 अप्रैल 2026 तक किए गए कोयला आयात की विस्तृत जांच करेगा।
क्या है पूरा विवाद?
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने कोयला आयात की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ियां की हैं और घटिया गुणवत्ता का कोयला खरीदने से सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। पिछले हफ्ते ही कुमार जयकोडी के खिलाफ संसद में ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाया गया था जिसे सरकार ने अपने भारी बहुमत (153-49) के दम पर गिरा दिया था। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बावजूद, भ्रष्टाचार विरोधी छवि को बचाने के लिए मंत्री ने पद छोड़ना बेहतर समझा।
सम्बंधित ख़बरें
होर्मुज तो खुल गया… लेकिन ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई दुनिया में टेंशन, जानें अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
MAGA खेमे में बड़ी दरार: ट्रंप ने वफादार टकर कार्लसन को कहा ‘Low IQ’, ईरान नीति पर छिड़ी जुबानी जंग
शिवपुरी में BJP विधायक के बेटे का कहर, थार से 5 लोगों को मारी टक्कर और फिर दिखाई दबंगई- VIDEO
‘ 2023 में पास हुआ बिल, तो अब तक लागू क्यों नहीं’, महिला आरक्षण पर संसद में डिंपल यादव का जोरदार भाषण- VIDEO
सरकार का बचाव और 6 महीने की समयसीमा
विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने स्पष्ट किया कि ये इस्तीफे केवल इसलिए दिए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दखलअंदाजी न हो। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के आरोपों के बावजूद सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं हुआ है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
यह भी पढ़ें:- होर्मुज तो खुल गया… लेकिन ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई दुनिया में टेंशन, जानें अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
मंत्री बिमल रत्नयाके ने भी जयकोडी का बचाव करते हुए कहा कि यदि कोई नुकसान हुआ भी है, तो उसका बोझ बिजली उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। यह इस्तीफा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुमार जयकोडी पर उनके पिछले कार्यकाल (राज्य उर्वरक निगम) के दौरान भी रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं, हालांकि वे और उनकी पार्टी भ्रष्टाचार विरोधी सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता का दावा करते रहे हैं।
