‘ 2023 में पास हुआ बिल, तो अब तक लागू क्यों नहीं’, महिला आरक्षण पर संसद में डिंपल यादव का जोरदार भाषण- VIDEO
Dimple Yadav: संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से कई अहम सवाल पूछे।
- Written By: मनोज आर्या
Dimple Yadav Speech In Parliament: संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण के नाम पर वास्तव में खुद के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। डिंपल यादव ने ‘रेड राइडिंग हुड’ की कहानी के माध्यम से तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने आरक्षण का मुखौटा पहन रखा है, लेकिन परिसीमन और जनगणना की शर्तों के जरिए वह इसे केवल सत्ता में बने रहने का हथियार बना रही है। उन्होंने मांग की कि इस आरक्षण के दायरे में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अपने संबोधन में डिंपल यादव ने सरकार की पुरानी ‘गारंटियों’ को भी निशाने पर लिया, जिसमें किसानों की आय दोगुनी करने, रोजगार देने और मुफ्त सिलेंडर जैसे वादे शामिल थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ध्वस्त होती कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए हाथरस और मणिपुर जैसी घटनाओं पर भाजपा की महिला सांसदों की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने अर्धसैनिक बलों के जवानों को ‘शहीद’ का दर्जा देने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की पुरजोर वकालत की।
Dimple Yadav Speech In Parliament: संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मोदी सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण के नाम पर वास्तव में खुद के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। डिंपल यादव ने ‘रेड राइडिंग हुड’ की कहानी के माध्यम से तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने आरक्षण का मुखौटा पहन रखा है, लेकिन परिसीमन और जनगणना की शर्तों के जरिए वह इसे केवल सत्ता में बने रहने का हथियार बना रही है। उन्होंने मांग की कि इस आरक्षण के दायरे में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। अपने संबोधन में डिंपल यादव ने सरकार की पुरानी ‘गारंटियों’ को भी निशाने पर लिया, जिसमें किसानों की आय दोगुनी करने, रोजगार देने और मुफ्त सिलेंडर जैसे वादे शामिल थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ध्वस्त होती कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए हाथरस और मणिपुर जैसी घटनाओं पर भाजपा की महिला सांसदों की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने अर्धसैनिक बलों के जवानों को ‘शहीद’ का दर्जा देने और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की पुरजोर वकालत की।
