

एलन मस्क की अंतरिक्ष एजेंसी स्पेसएक्स ने बुधवार तड़के एक विशाल रॉकेट का नौंवा परीक्षण किया, जिसे चंद्रमा और मंगल ग्रह पर इंसानों और सामान को भेजने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। उड़ान के दौरान अंतरिक्ष यान ने नियंत्रण खो दिया और हिंद महासागर के ऊपर विस्फोट हो गया। यह घटना कंपनी की अंतरिक्ष से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं के लिए एक नई चुनौती के रूप में सामने आई है।
हालांकि, स्पेसएक्स के इंजीनियरों का मानना है कि इस अनुभव से भविष्य के अभियानों को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सीख मिलेगी। यह स्टारशिप कार्यक्रम का नौवां प्रक्षेपण था, जो स्थानीय समयानुसार शाम 6:36 बजे टेक्सास के बोका चिका स्थित स्टारबेस से किया गया था।
रॉकेट में रिसाव की वजह से वह ऊंचाई पर संतुलन बनाए नहीं रख सका। स्पेसएक्स ने लाइव प्रसारण में कहा कि अब रॉकेट की सुरक्षित और नियंत्रित लैंडिंग संभव नहीं है। इससे पहले भी स्टारशिप को अपनी तीसरी परीक्षण उड़ान के दौरान ऐसी ही परेशानी का सामना करना पड़ा था। उसकी दो परीक्षण उड़ानों में रॉकेट कैरेबियन क्षेत्र के ऊपर फट गया था, जिससे उसका मलबा आसमान में फैल गया और हवाई जहाजों को अपने रास्ते बदलने पर मजबूर होना पड़ा था।
27 मई को लॉन्च किया गया स्टारशिप अब तक का सबसे विशाल रॉकेट था, जिसे सुपर हेवी बूस्टर के रूप में जाना जाता है। इसने पहले चरण में 33 इंजनों की मदद से रॉकेट को अंतरिक्ष की ओर अग्रसर किया। यह नौवीं परीक्षण उड़ान थी, जिसकी शुरुआत काफी सफल रही और लोगों को इसके पूरी तरह सफल होने की उम्मीद बंधी। हालांकि, जल्द ही स्थिति बदल गई। स्टारशिप ने कक्षा तक तो सफलतापूर्वक पहुंच बनाई, लेकिन अंतरिक्ष यान अपने पेलोड बे का दरवाजा पूरी तरह नहीं खोल पाया। इस कारण नकली स्टारलिंक उपग्रहों को छोड़े जाने की योजना अधूरी रह गई।
स्पेसएक्स ने मिशन शुरू होने के लगभग 30 मिनट बाद पुष्टि की कि लॉन्च वाहन में ईंधन टैंक से रिसाव हो रहा था। सुपर हेवी बूस्टर अपने निर्धारित स्प्लैशडाउन से कुछ समय पहले ही विस्फोटित हो गया। उपलब्ध वीडियो फुटेज में रॉकेट के चारों ओर आग की लपटें दिखाई दीं। ऊपरी चरण में ईंधन रिसाव के कारण वह पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से पहले ही नियंत्रण खो बैठा और अनियमित रूप से घूमने लगा।
यह स्पेसएक्स की इस साल की तीसरी कोशिश थी। पहले दो परीक्षण असफल रहे थे, लेकिन हर उड़ान से कंपनी नई सीख ले रही है ताकि भविष्य में यह रॉकेट इंसानों को सुरक्षित रूप से चंद्रमा और मंगल तक ले जा सके। जब यह रॉकेट उड़ान भरता है, तो अमेरिका के अलावा बहामास, क्यूबा, मैक्सिको और अन्य देशों के ऊपर से भी गुजरता है। इसी कारण अमेरिका की विमानन एजेंसी ने इसके लिए कड़े नियम बनाए और पहले से ही एक चेतावनी जारी कर दी थी।