‘अब नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर…’दक्षिण कोरिया ने उठाया बड़ा कदम, उत्तर कोरिया से रिश्तों में नरमी की कोशिश
दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ संबंधों में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। दक्षिण कोरिया की सेना ने उत्तर कोरिया की सीमा से लगे इलाकों में लाउडस्पीकरों के माध्यम से किए जा रहे प्रचार प्रसार पर पूर्ण...
- Written By: अमन उपाध्याय
दक्षिण कोरिया ने हटाए लाउडस्पीकर, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
सियोल: दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। उसने दोनों देशों की सीमा पर लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से उत्तर कोरिया के खिलाफ प्रचार प्रसारण को रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम तनाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे पहले, उत्तर कोरिया ने मनोवैज्ञानिक युद्ध के तहत दक्षिण कोरिया की ओर कचरे से भरे गुब्बारे छोड़े थे, जिसके जवाब में दक्षिण कोरिया ने जून 2023 में ये प्रचार प्रसारण फिर से शुरू कर दिया था।
दक्षिण कोरिया ने पहले एक वर्ष तक इस प्रसारण पर प्रतिबंध लगा रखा था। बुधवार को दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह निर्णय दोनों कोरियाई देशों के बीच आपसी विश्वास पुनर्स्थापित करने और शांति की दिशा में प्रयासों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे पहले, दक्षिण कोरिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ली जे-म्यांग ने उत्तर कोरिया के साथ संवाद फिर से शुरू करने की इच्छा जताई थी।
ये रहा दोनों देशों का इतिहास
कोरिया का विभाजन 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद हुआ। इससे पहले, 1910 से कोरिया पर जापान का कब्जा था, लेकिन युद्ध में जापान की हार के बाद कोरिया को मुक्त कर दिया गया। इसके बाद, अमेरिका और सोवियत संघ ने कोरिया को दो हिस्सों में बांट दिया। जिसके बाद उत्तर कोरिया पर सोवियत संघ का प्रभाव क्षेत्र बना, जबकि दक्षिण कोरिया पर अमेरिका का नियंत्रण रहा। 1948 तक, इन दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग सरकारें स्थापित हो गईं। उत्तर कोरिया में किम इल-सुंग के नेतृत्व में एक साम्यवादी सरकार बनी, जबकि दक्षिण कोरिया में सिन्गमन री के नेतृत्व में एक लोकतांत्रिक सरकार स्थापित हुई।
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1950 में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर हमला कर दिया, जिससे कोरियाई युद्ध की शुरुआत हुई। यह संघर्ष तीन वर्षों तक चला और इसमें करीब 30 लाख लोगों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र, खासकर अमेरिका की नेतृत्व में, दक्षिण कोरिया की मदद के लिए आगे आया, जबकि उत्तर कोरिया को चीन का समर्थन मिला। 1953 में युद्धविराम समझौता किया गया, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक शांति समझौता नहीं हुआ है। इसी कारण दोनों देश आज भी तकनीकी रूप से युद्ध की स्थिति में हैं।
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दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार
हाल के वर्षों में कुछ शांति वार्ताएं और बैठकें हुई हैं, जैसे 2018 में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के बीच हुई मुलाकात। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल परीक्षण जारी रखने और अमेरिका व दक्षिण कोरिया की संयुक्त सैन्य कवायदों से यह तनाव और भी बढ़ जाता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
