
मिरोस्लाव लाइचक ने स्लोवाकिया के NSA पद से दिया इस्तीफा (सोर्स-सोशल मीडिया)
Epstein Slovakia National Security Scandal: स्लोवाकिया की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाइचक ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जेफरी एपस्टीन से जुड़ी 30 लाख नई फाइलों को सार्वजनिक किए जाने के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। एपस्टीन स्लोवाकिया राष्ट्रीय सुरक्षा घोटाला के इस खुलासे ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है क्योंकि इसमें पुराने ईमेल संदेशों का जिक्र है। मिरोस्लाव लाइचक ने हालांकि किसी भी गलत गतिविधि से इनकार किया है लेकिन नैतिकता के आधार पर पद छोड़ दिया है।
अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से संबंधित लगभग 30 लाख फाइलों को सार्वजनिक रूप से जारी किया है। इन फाइलों में अक्टूबर 2018 के कुछ ऐसे ईमेल और टेक्स्ट संदेश मिले हैं जो सीधे तौर पर मिरोस्लाव लाइचक से जुड़े हैं। उस समय लाइचक स्लोवाकिया के विदेश मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और एपस्टीन के संपर्क में थे।
दस्तावेजों में यह बात सामने आई है कि लाइचक और एपस्टीन के बीच ईमेल के माध्यम से कुछ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ था। इन संदेशों में कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं के बारे में बातचीत की गई थी, जिसने अब एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इसी खुलासे के बाद लाइचक पर दबाव बढ़ा और उन्होंने सुरक्षा सलाहकार के पद से हटने का निर्णय लिया।
मिरोस्लाव लाइचक ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों और गलत हरकतों से साफ तौर पर इनकार किया है। उन्होंने जेफरी एपस्टीन द्वारा किए गए घृणित अपराधों की कड़ी निंदा की है और खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि वे किसी भी अनैतिक गतिविधि का हिस्सा नहीं रहे हैं।
अपने बचाव में लाइचक ने स्पष्ट किया कि एपस्टीन के साथ उनकी ईमेल बातचीत पूरी तरह से अनौपचारिक और बहुत ही हल्के-फुल्के अंदाज में थी। उनका दावा है कि उन संदेशों का कोई ठोस या गंभीर मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए क्योंकि वे केवल सामान्य चर्चा थी। उन्होंने अपनी छवि को साफ रखने के लिए यह स्पष्टीकरण जनता के सामने रखा है।
इस्तीफा देने का एक मुख्य कारण यह भी है कि लाइचक नहीं चाहते थे कि इस मामले से प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको प्रभावित हों। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि विपक्ष इस विवाद का इस्तेमाल प्रधानमंत्री फिको पर राजनीतिक हमला करने के लिए करे। यह इस्तीफा सरकार की छवि को सुरक्षित रखने के लिए दिया गया एक रणनीतिक कदम है।
लाइचक के अनुसार प्रधानमंत्री फिको को किसी ऐसी बात की राजनीतिक कीमत नहीं चुकानी चाहिए जिसका उनकी नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पद छोड़ना ही बेहतर समझा ताकि प्रशासन सुचारू रूप से चलता रहे। इस फैसले को स्लोवाकिया की आंतरिक राजनीति में एक बड़े बलिदान के रूप में देखा जा रहा है।
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट साझा कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मिरोस्लाव लाइचक का इस्तीफा पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है। फिको ने लाइचक के पुराने कार्यों और उनके अनुभवों की काफी सराहना भी की है।
प्रधानमंत्री ने लाइचक को कूटनीति और विदेश नीति के क्षेत्र में अनुभव का एक बेहतरीन और विश्वसनीय स्रोत करार दिया है। यह घटनाक्रम 31 जनवरी 2026 को सामने आया जब फिको ने फेसबुक के माध्यम से जनता को संबोधित किया। लाइचक का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद अब नए सुरक्षा सलाहकार की तलाश शुरू हो गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार 30 जनवरी 2026 को इन 30 लाख नई फाइलों को सार्वजनिक करने का ऐतिहासिक फैसला लिया था। इन फाइलों में दुनिया भर के कई प्रभावशाली लोगों के नाम और उनसे जुड़े संवेदनशील संदेश शामिल होने की बात कही जा रही है। लाइचक का नाम सामने आना इस पूरी जांच प्रक्रिया का केवल एक छोटा सा हिस्सा है।
इन दस्तावेजों ने यह साबित कर दिया है कि एपस्टीन का नेटवर्क कितना विशाल था और वह किन-किन देशों के नेताओं के संपर्क में था। स्लोवाकिया में हुए इस इस्तीफे ने अन्य देशों के अधिकारियों के बीच भी डर और चिंता का माहौल बना दिया है। आने वाले समय में इन फाइलों से और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।






