सऊदी प्रिंस सलमान की बड़ी अपील- ना करें कोई गलती, ‘दुश्मनी भूल’ गल्फ देशों को युद्ध से बचाने की कोशिश
Saudi Prince Warnings: ईरान पर हमलों के बाद सऊदी प्रिंस सलमान ने गल्फ देशों को चेतावनी दी है कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे तनाव बढ़े और पूरा क्षेत्र विनाशकारी युद्ध की आग में झुलस जाए।
- Written By: प्रिया सिंह
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mohammed Bin Salman Calls For Regional Restraint: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के भीषण हमलों ने पश्चिम एशिया में बारूद की ढेर पर चिंगारी लगा दी है। इस नाजुक घड़ी में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने एक बड़ी कूटनीतिक पहल शुरू की है। उन्होंने क्षेत्र के तमाम नेताओं को फोन कर सचेत किया है कि एक छोटी सी चूक पूरे गल्फ को तबाह कर सकती है। वे इस समय अपनी पुरानी दुश्मनी और मतभेदों को भुलाकर शांति की राह तलाशने में जुटे हैं।
गल्फ देशों के लिए कड़ी चेतावनी
सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान ने बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नेताओं से तुरंत संपर्क साधा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि ईरान को भड़काने वाला कोई भी कदम न उठाया जाए जिससे हालात बेकाबू हों। वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के समय और उनके बड़े पैमाने से काफी नाराज नजर आ रहे हैं।
पुरानी कड़वाहट को किया दरकिनार
इस तनाव के बीच सबसे बड़ी खबर यह है कि प्रिंस सलमान ने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद को भी फोन किया। यमन और सूडान के मुद्दों पर दोनों के बीच पिछले कई महीनों से भारी मतभेद और प्रतिद्वंद्विता चल रही थी। लेकिन युद्ध के खतरे ने इन दो बड़े क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों को एक बार फिर आपसी संवाद के लिए मजबूर कर दिया है।
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हूती विद्रोहियों का बढ़ता हुआ डर
सऊदी अरब फिलहाल खुद को इस युद्ध से पूरी तरह दूर रखना चाहता है ताकि उसके अपने राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहें। उसे सबसे बड़ा डर यमन के हूती विद्रोहियों से है, जो ईरान के इशारे पर लाल सागर और गल्फ में हमले कर सकते हैं। अगर हूती इस जंग में कूदते हैं, तो सऊदी अरब के लिए अपनी सीमाओं की रक्षा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
कूटनीति और संयम ही आखिरी रास्ता
सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान भी तनाव कम करने के लिए लगातार कई देशों के विदेश मंत्रियों के संपर्क में बने हुए हैं। कतर के पूर्व प्रधानमंत्री ने भी सलाह दी है कि गल्फ देशों को ईरान के साथ सीधे टकराव से हर हाल में बचना चाहिए। उनका मानना है कि युद्ध से संसाधनों का भारी नुकसान होगा और बाहरी ताकतों को गल्फ को कंट्रोल करने का मौका मिल जाएगा।
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महायुद्ध को रोकने की आखिरी कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और लंबा खिंचता है, तो अमेरिका गल्फ देशों पर सैन्य मदद देने का दबाव बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रिंस सलमान अपनी ‘बैक चैनल कूटनीति’ के जरिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि यह युद्ध और ज्यादा न फैले। क्योंकि इस बार की जंग पूरे मध्य-पूर्व के भविष्य और स्थिरता को हमेशा के लिए खतरे में डाल सकती है।
